चाम्पा : अधेड हों चूकि भाजपा पर सत्ता की खुमारी दिखने लगी
भारत में एक सशक्त लोकतांत्रिक परंपरा रही है—15 अगस्त और 26 जनवरी की पूर्व संध्या पर राष्ट्र के सर्वोच्च पद से देश को संदेश दिया जाता है। यह संदेश केवल औपचारिक शब्द नहीं होते, बल्कि राष्ट्र के चरित्र, अनुशासन और मूल्यों की याद दिलाते हैं। वे हमें बताते हैं कि आदर्श केवल मंच से बोलने…