पुसौर विकासखंड में शिक्षा का उत्सव कुछ ऐसा सजा कि स्कूल परिसर ज्ञान, नवाचार और उत्साह से भर उठे।
बच्चों की मुस्कान, अभिभावकों की भागीदारी और शिक्षकों की मेहनत ने मिलकर ‘पढ़ाई तिहार’ को यादगार बना दिया।
पुसौर विकासखंड के प्राथमिक विद्यालयों में 11 अप्रैल को ‘पढ़ाई तिहार’ का आयोजन बड़े ही हर्षोल्लास और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। यह कार्यक्रम सिर्फ एक आयोजन नहीं बल्कि शिक्षा और समुदाय के बीच मजबूत जुड़ाव का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया।
शिक्षा और समुदाय का मजबूत संगम
इस आयोजन ने यह साबित कर दिया कि जब स्कूल, अभिभावक और प्रशासन एक साथ आते हैं, तो शिक्षा का स्तर अपने आप बेहतर हो जाता है। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में बच्चों की गतिविधियां, शिक्षकों की प्रस्तुति और अभिभावकों की भागीदारी ने माहौल को उत्सवमय बना दिया।
अधिकारियों की मौजूदगी से बढ़ा उत्साह
कार्यक्रम में विकास खंड शिक्षा अधिकारी शैलेश देवांगन, सहायक विकास खंड अधिकारी मनीष सिन्हा और विकास खंड स्रोत समन्वयक शैलेन्द्र मिश्रा की उपस्थिति ने आयोजन को खास बना दिया।
संकुल प्रभारियों और समन्वयकों द्वारा शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए दिए गए सुझावों को अभिभावकों ने सराहा और सहयोग का भरोसा भी जताया।
नवाचारी शिक्षण पद्धति ने किया आकर्षित
विकासखंड के 31 संकुल और 179 प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने इस आयोजन को सफल बनाने के लिए कड़ी मेहनत की।
खेल-खेल में पढ़ाई, चार्ट, मॉडल और रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को पढ़ाने की नई-नई तकनीकों का प्रदर्शन किया गया।
बच्चों ने अपनी कलाकृतियों और प्रस्तुतियों से यह साबित किया कि पढ़ाई केवल किताबों तक सीमित नहीं, बल्कि यह एक आनंददायक अनुभव है।
अभिभा
वकों की बड़ी भागीदारी
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अभिभावक, खासकर माताएं, शामिल हुईं।
उन्होंने बच्चों के साथ मिलकर शैक्षणिक गतिविधियों में भाग लिया और अपने बच्चों के सीखने के स्तर को करीब से समझा।
इससे शिक्षा के प्रति उनकी जागरूकता और जिम्मेदारी दोनों बढ़ी।
🏆 लगातार मेहनत से बनी पहचान
पिछले छह वर्षों से ओमकुमारी पटेल (SRG), आरती साहू (DRG), लक्ष्मी ओगरे, पुष्पा चौहान, और प्रेमशीला पटेल (BRG) सहित सभी शिक्षकों का लगातार योगदान इस कार्यक्रम की सफलता का आधार रहा है।
अधिकारियों का संदेश
शैलेश देवांगन, विकास खंड शिक्षा अधिकारी
“पढ़ाई तिहार का मुख्य उद्देश्य बच्चों में शिक्षा के प्रति रुचि बढ़ाना है। जब अभिभावक, शिक्षक और अधिकारी मिलकर टीम की तरह काम करते हैं, तो परिणाम बेहतर आते हैं।”
शैलेन्द्र मिश्रा, विकास खंड स्रोत समन्वयक
“यह आयोजन अभिभावकों को सीधे स्कूल से जोड़ने का एक मजबूत माध्यम बना है, जिससे शिक्षा का माहौल और भी बेहतर होगा।”
बहरहाल ‘पढ़ाई तिहार’ ने पुसौर विकासखंड में शिक्षा को एक नए आयाम तक पहुंचाने का काम किया है।
यह आयोजन न केवल बच्चों के लिए प्रेरणादायक रहा, बल्कि अभिभावकों और शिक्षकों के लिए भी एक नई शुरुआत का संकेत है।