सारंगढ़-बिलाईगढ़। जिले में एक ओर जहां ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में शिक्षकों की कमी से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, वहीं दूसरी ओर अवैध रेत खनन और भंडारण को लेकर भी शिकायतें सामने आ रही हैं। इन दोनों मुद्दों को लेकर नितिन कुमार पाणिग्राही ने जिला कलेक्टर को अलग-अलग ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की है।


सांकरा क्षेत्र में अवैध रेत कारोबार का आरोप
कलेक्टर को दिए गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि सारिया क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम सांकरा, नंदीगांव और पोरत में बड़े पैमाने पर अवैध रेत का परिवहन और भंडारण किया जा रहा है। शिकायत में कहा गया है कि जेसीबी और ट्रैक्टरों के माध्यम से महानदी से प्रतिदिन बड़ी मात्रा में रेत निकाली जा रही है।
ज्ञापन के अनुसार बिना किसी शासकीय टेंडर के रेत का कारोबार संचालित होने तथा प्रति ट्राली कथित रूप से अवैध वसूली किए जाने का भी उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि इस गतिविधि से शासन को राजस्व हानि होने के साथ-साथ नदी के प्राकृतिक स्वरूप और पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
ज्ञापन में जिला प्रशासन से पूरे मामले की जांच कर दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की गई है।
बोंदा के स्कूलों में शिक्षकों की कमी का मुद्दा भी उठाया
दूसरे ज्ञापन में विकासखंड बरमकेला अंतर्गत ग्राम पंचायत बोंदा स्थित शासकीय विद्यालयों में शिक्षकों की कमी का मुद्दा उठाया गया है। आवेदन में बताया गया है कि शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय एवं शासकीय बालक माध्यमिक विद्यालय में क्रमशः दो-दो शिक्षकों की कमी है, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि पूर्व में जब यह क्षेत्र रायगढ़ जिले के अंतर्गत आता था, तब यहां जिला प्रशासन द्वारा DMF (जिला खनिज न्यास निधि) के माध्यम से शिक्षकों की व्यवस्था की जाती थी। इसी व्यवस्था को पुनः लागू करते हुए अतिरिक्त शिक्षकों की नियुक्ति करने की मांग की गई है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया पर नजर
दो अलग-अलग विषयों पर दिए गए इन ज्ञापनों ने शिक्षा और खनन से जुड़े मुद्दों को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इन शिकायतों और मांगों पर क्या कदम उठाता है तथा जांच के बाद क्या तथ्य सामने आते हैं।



























