जांजगीर चाम्पा : भारतीय जनता पार्टी वर्षों से “डबल इंजन” और अब “तीसरे इंजन” की राजनीति का नारा देती रही है। दावा किया जाता है कि केंद्र, राज्य और स्थानीय निकायों में एक ही दल की सरकार हो तो विकास की रफ्तार बढ़ती है। परंतु जिला पंचायत की घटनाओं ने यह प्रश्न खड़ा कर दिया है कि क्या भाजपा के तीसरे इंजन के लोको पायलट विकास चला रहे हैं या लोकतंत्र को पटरी से उतार रहे हैं?