Damrua

चाम्पा मे बोर्ड लगेगा, स्वागत है टिल भड़ेश्वर जोन में ?

  • चाम्पा। शहर के लोग पानी-बिजली को तरस रहे हैं, मगर नगर पालिका को ज़मीन बाँटने की ऐसी आत्मा समाई है कि लगता है जैसे कोई “टिल भंडेश्वर वक्फ बोर्ड” खोल लिया हो!

हर ओर चर्चा है कि करोड़ों की शासकीय ज़मीनें – जो मूलभूत सुविधाओं के लिए सुरक्षित होनी चाहिए थीं – वे अब टिल भंडेश्वर के नाम पर “गुप्त यज्ञ” में आहुति बन चुकी हैं। फर्क बस इतना है कि इसमें धुआँ नहीं उठता, सिर्फ नामन्तरण होती है।

CSEB पिछले 15 वर्षों से सब-स्टेशन के लिए ज़मीन मांग रहा है ताकि लो-वोल्टेज से परेशान चाम्पा के लोग राहत की सांस लें, मगर नगर पालिका की तरफ से अब तक सिर्फ एक जवाब – “हमें खेद है, हमारे पास ज़मीन नहीं है। (बाकी जमीनें तो VIP भक्तों को बांटी जा चुकी हैं)”लो-वोल्टेज का आलम यह है कि बल्ब जलते हैं तो ऐसे जैसे सांप की आँखें चमक रही हों। पंखे हवा नहीं देते, उम्मीदें उड़ाते हैं।

लेकिन नगर पालिका उदार है –

> “पानी नहीं दे सकते, बिजली नहीं दिला सकते, पर ज़मीनें बाँट सकते हैं – वो भी बिना शोर के!”

कई ज़मीनें ऐसे हाथों में चली गई हैं जिनकी योग्यता सिर्फ “परिचय” और “प्रभाव” रही है। जनता अब तंज कस रही है –

> “ये नगर पालिका है या टिल भंडेश्वर ट्रस्ट?”

मुख्य मांगें अब यह हैं:

@ पिछले 15 वर्षों में टिल भंडेश्वर के नाम पर दिए गए सभी भूखंडों की न्यायिक जांच हो।@CSEB को तत्काल भूमि दी जाए ताकि सब-स्टेशन बन सके। @नगर पालिका की सम्पूर्ण भूमि जानकारी जनता के सामने लाई जाए – RTI नहीं, वेबसाइट पर!

यदि नहीं हुआ तो?

तो चाम्पा की जनता अब कह रही है –

> “ना पानी, ना बिजली, और ज़मीनें फ्री की – फिर हम किस बात के करदाता?”

और अगर यही हाल रहा तो एक दिन शहर की एंट्री पर बोर्ड लगेगा –

> “स्वागत है आपका – टिल भंडेश्वर ज़ोन में, यहाँ सुविधा नहीं, सिर्फ शगुन में ज़मीन मिलती है!”

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