Damrua

Illegal Liquor पर करारा वार: आनंद कुमार वर्मा की रणनीति से कच्ची महुआ शराब का अड्डा ध्वस्त

डमरुआ डेस्क।।जिले में अवैध शराब के काले कारोबार पर शिकंजा कसते हुए आबकारी विभाग ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि कानून से ऊपर कोई नहीं। कलेक्टर डॉ. संजय कनौजे और जिला आबकारी अधिकारी संतराम वर्मा के स्पष्ट निर्देशों के बीच ज़मीन पर मोर्चा संभाल रहे सहायक जिला आबकारी अधिकारी आनंद कुमार वर्मा ने अपनी सटीक रणनीति और त्वरित कार्रवाई से शराब माफियाओं में खलबली मचा दी है।

 

मुखबिर की सूचना, और तुरंत एक्शन

 

दिनांक 7 फरवरी 2026 को नियमित गश्त के दौरान आबकारी विभाग को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली कि ग्राम कटेकोनी में एक व्यक्ति अपने ही घर को अवैध शराब का अड्डा बनाकर लंबे समय से कच्ची महुआ शराब का कारोबार चला रहा है। सूचना की गंभीरता को भांपते हुए सहायक जिला आबकारी अधिकारी आनंद कुमार वर्मा ने बिना किसी देरी के मौके पर दबिश की योजना बनाई।

 

घर बना था शराब का गोदाम

 

आनंद कुमार वर्मा के नेतृत्व में आबकारी टीम ने योजनाबद्ध तरीके से आरोपी रंजीत अजगल्ले (उम्र 30 वर्ष) के मकान की विधिवत तलाशी ली। तलाशी के दौरान जो तस्वीर सामने आई, वह चौंकाने वाली थी।

मकान के भीतर प्लास्टिक की बोतलों में भरी हुई कुल 54 लीटर कच्ची महुआ शराब बरामद की गई। पुलिस ने मौके से 27 नग प्लास्टिक बोतलें जब्त कर लीं, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि आरोपी बड़े पैमाने पर अवैध शराब का भंडारण और विक्रय कर रहा था।

 

कानून का कड़ा डंडा

 

कार्रवाई यहीं नहीं रुकी। सहायक जिला आबकारी अधिकारी आनंद कुमार वर्मा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी के खिलाफ छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(1) क, 34(2) और 59क के तहत सख्त प्रकरण दर्ज कराया।

आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे जेल दाखिल कर दिया गया।

 

टीम वर्क बना सफलता की कुंजी

 

इस पूरी कार्रवाई में आनंद कुमार वर्मा के साथ

 

* आबकारी उपनिरीक्षक हाबिल खलखो

* रामेश्वर राठिया

* मुख्य आरक्षक मोहनलाल चौहान

*राजेन्द्र खांडे

का महत्वपूर्ण योगदान रहा। टीम की तालमेल, अनुशासन और पेशेवर कार्यशैली की शहर भर में सराहना हो रही है।

 

आनंद कुमार वर्मा: मैदान में उतरने वाला अधिकारी

 

जिले में यह आम चर्चा का विषय बन चुका है कि जहां-जहां आनंद कुमार वर्मा सक्रिय होते हैं, वहां अवैध शराब कारोबारियों की नींद उड़ जाती है। ज़मीनी स्तर पर निगरानी, मुखबिर तंत्र को मजबूत करना और मौके पर खुद मौजूद रहकर कार्रवाई करना यही उनकी कार्यशैली को अलग पहचान दिलाता है।

 

प्रशासन का सख्त संदेश

 

आबकारी विभाग की ओर से साफ शब्दों में चेतावनी दी गई है—

अवैध शराब का परिवहन, भंडारण और विक्रय करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। यह अभियान आगे और अधिक तेज़ किया जाएगा।

 

जिले में बढ़ेगी कार्रवाई की रफ्तार

 

सूत्रों की मानें तो आने वाले दिनों में सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के संवेदनशील इलाकों में आबकारी विभाग की निगरानी और सघन होगी। अवैध शराब कारोबार से जुड़े नेटवर्क पर सीधा प्रहार करने की तैयारी की जा रही है।

 

कुल मिलाकर, यह कार्रवाई न केवल एक सफल रेड है, बल्कि यह संदेश भी है कि अगर प्रशासनिक इच्छाशक्ति और ज़मीनी नेतृत्व मजबूत हो, तो अवैध धंधों की जड़ें हिलाई जा सकती हैं और इस अभियान का चेहरा बनकर उभरे हैं सहायक जिला आबकारी अधिकारी आनंद कुमार वर्मा।

 

 

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