Damrua

CG:डर और दहशत के मारे छत्तीसगढ़ से पलायन कर रहे नक्सली

जगदलपुर jagdalpur। बस्तर संभाग में पुलिस और विभिन्न फोर्सेस के आक्रामक तेवर तथा पराक्रम से नक्सलियों के हौसले पस्त पड़ गए हैं। डर और दहशत के मारे नक्सली अपनी जान बचाने के लिए सीमावर्ती राज्यों की ओर पलायन करने लगे हैं, लेकिन इस फेर में भी वे मारे जा रहे हैं।

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बस्तर संभाग के बीजापुर जिले की सरहद से लगे तेलंगाना के भद्रादी कोठागुड़म जिला और पिनपाका मंडल करकागुड़म के जंगल में गुरूवार तड़के छत्तीसगढ़ से तेलंगाना भाग रहे नक्सलियों से ग्रेहाउंड फोर्स के जवानों की मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ में छह हार्डकोर नक्सली मारे गए हैं। वहीं दो जवानों के घायल होने की खबर है। घायल जवानों को जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। मौके से हथियार व विस्फोटक सामग्री भी बरामद की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ कमांडर लक्ष्मण समेत अन्य नक्सली जंगल के रास्ते तेलंगाना की ओर जा रहे थे। इसकी सूचना मिलते ही तेलंगाना पुलिस और ग्रेहाउंड फॉर्स ने नक्सलियों को घेर लिया। जिसके बाद दोनों तरफ से भीषण गोलीबारी हुई। इस मुठभेड़ में जहां छह नक्सली ढेर हो गए, वहीं तेलंगाना पुलिस के दो जवान घायल हुए हैं। इनमें से एक जवान की हालत गंभीर बताई जा रही है। घायल जवानों को इलाज के लिए भद्राचलम के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मारे गए नक्सलियों की शिनाख्त कुंजा विरैया, तुलसी, शुक्र, चालो, दुर्गेश व कोटो के रूप में की गई है। तेलंगाना के ऑपरेशन एसपी पंकज परितोष ने बताया कि पुलिस के बढ़ते दबाव से नक्सलियों के छत्तीसगढ़ से भागकर तेलंगाना आने की जानकारी मिली थी। जिसके बाद उनकी घेराबंदी की गई।ग्रेहाउंड फॉर्स के जवानों ने छह नक्सलियों को मार गिराया। अन्य माओवादियों की तलाशी के लिए अभियान चलाया जा रहा है।उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में एंटी नक्सल ऑपरेशन अब बड़े ही आक्रामक अंदाज में चलाया जाने लगा है। पुलिस और विभिन्न सुरक्षा बलों के जवान नक्सलियों को उन्हीं की मांद में घुसकर मार रहे हैं। दो दिन पहले बीजापुर और दंतेवाड़ा जिलों की सीमा पर फोर्स ने 9 नक्सलियों को मौत की नींद सुला दी थी। इसके कुछ दिन पहले नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र में तीन नक्सली मारे गए थे। वहीं कुछ माह पहले कांकेर जिले में लगभग ढाई दर्जन नक्सली मारे गए थे। इसके साथ छत्तीसगढ़ शासन की नक्सली पुनर्वास योजना तथा पुलिस और सुरक्षा बलों की जनसेवा से प्रभावित होकर बड़े पैमाने पर नक्सली एवं उनके सहयोगी आत्मसमर्पण भी कर रहे हैं। बस्तर संभाग में नक्सलियों की गिरफ्तारी का दौर भी लगातार जारी है। इन सभी गतिविधियों का नक्सलियों पर खासा मानसिक दबाव पड़ रहा है। पुलिस और सुरक्षा बलों के आक्रामक रुख ने उनके हौसले पस्त कर दिए हैं। इसीलिए वे अब डर कर सीमा से लगे तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश की ओर पलायन करने लगे हैं।

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