सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के कटंगपाली क्षेत्र में कथित रूप से संचालित एक अवैध डोलोमाइट खदान अब कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, सड़क किनारे स्थित इस खदान से प्रतिदिन 100 से अधिक ट्रैक्टर पत्थर का उत्खनन किया जा रहा है और इसे आसपास संचालित विभिन्न क्रेशर प्लांटों में खपाया जा रहा है।

हैरानी की बात यह है कि जिस स्थान पर यह गतिविधि संचालित होने की बात कही जा रही है, वह मुख्य सड़क से लगा हुआ है। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि यदि खनन वास्तव में अवैध है तो फिर अब तक खनिज विभाग, सरिया तहसील प्रशासन तथा राजस्व अमले की नजर इस पर क्यों नहीं पड़ी?
स्थानीय लोगों कि माने तो खदान का संचालन माधव मीरी नामक व्यक्ति द्वारा किया जा रहा है। यदि इन आरोपों में सच्चाई है तो यह केवल अवैध खनन का मामला नहीं, बल्कि शासन को राजस्व हानि पहुंचाने और पर्यावरणीय नियमों की खुली अनदेखी का भी विषय बन सकता है।
क्षेत्र में चर्चा है कि प्रतिदिन बड़ी मात्रा में पत्थर निकाले जाने के बावजूद न तो किसी प्रकार की जांच दिखाई देती है और न ही कोई कार्रवाई। ऐसे में आम जनता के मन में यह सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर जिम्मेदार विभागों की चुप्पी की वजह क्या है? क्या यह केवल लापरवाही है या फिर किसी प्रकार का मौन संरक्षण?
खनिज विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसी खदान के पास वैध खनन पट्टा, पर्यावरणीय स्वीकृति और परिवहन संबंधी आवश्यक दस्तावेज नहीं हैं, तो वहां से निकाला गया खनिज पूरी तरह अवैध माना जा सकता है। ऐसी स्थिति में उस खनिज को खरीदने और उपयोग करने वाले प्रतिष्ठानों की भूमिका भी जांच के दायरे में आती है।
कटंगपाली क्षेत्र में कथित अवैध खनन की यह तस्वीरें और स्थानीय स्तर पर सामने आ रही जानकारियां प्रशासन के लिए गंभीर चेतावनी हैं। यदि समय रहते इसकी निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो इससे शासन की साख पर भी सवाल उठ सकते हैं।
अब नई कलेक्टर से लोगों को उम्मीद
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में हाल ही में पदस्थ हुईं कलेक्टर श्रीमती पद्मिनी भोई साहू से क्षेत्रवासियों को बड़ी उम्मीदें हैं। जनता का मानना है कि जिले में पारदर्शिता और सुशासन स्थापित करने की दिशा में वे इस मामले को गंभीरता से लेंगी।
कटंगपाली में कथित अवैध डोलोमाइट खनन को लेकर यदि जिला प्रशासन निष्पक्ष जांच कराता है और मौके का सत्यापन करवाता है, तो न केवल सच्चाई सामने आएगी बल्कि प्रशासन पर जनता का भरोसा भी मजबूत होगा।
आज जिले के लोग यही उम्मीद कर रहे हैं कि नई कलेक्टर इस मामले को केवल एक शिकायत नहीं, बल्कि प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा, शासन के राजस्व और कानून के सम्मान से जुड़े मुद्दे के रूप में देखेंगी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों पर कठोर कार्रवाई होगी, और यदि आरोप गलत हैं तो तथ्य जनता के सामने आएंगे।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कटंगपाली में आखिर क्या चल रहा है, और यदि सब कुछ अवैध है तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? जनता को अब जिला प्रशासन के जवाब और कार्रवाई का इंतजार है।



























