Damrua

डिजिटल सेंधमारी: साल्हेओना धान केंद्र में बिना ‘धान’ आए ही कट गए ₹99 लाख के फर्जी टोकन, प्रबंधक और ऑपरेटर जेल

सरिया/बरमकेला।

धान खरीदी में बायोमैट्रिक और आइरिश स्कैनर जैसी हाईटेक तकनीक को ढाल बनाकर शासन के खजाने में करीब एक करोड़ रुपये की बड़ी सेंधमारी का मामला सामने आया है। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के सरिया पुलिस ने साल्हेओना उपार्जन केंद्र (पंजीयन क्रमांक 245) में हुए इस खेल का पर्दाफाश करते हुए समिति प्रबंधक बंशीधर पटेल और कंप्यूटर ऑपरेटर वासुदेव पटेल को गिरफ्तार कर रिमांड पर जेल भेज दिया है।

इस पूरे फर्जीवाड़े को किसानों से मिलीभगत कर अंजाम दिया गया था, जिसमें बिना एक दाना धान आए ही कागजों और कंप्यूटर स्क्रीन पर हजारों क्विंटल धान की तुलाई दिखा दी गई।

कलेक्टर की स्पेशल टीम ने पकड़ा ‘कागजी धान’

खरीफ सीजन 2025-26 के तहत 15 नवंबर 2025 से 6 फरवरी 2026 तक इस केंद्र में धान खरीदी की गई थी। लेकिन भीतर ही भीतर चल रहे इस खेल की भनक जिला कलेक्टर को लग गई। कलेक्टर के निर्देश पर तहसीलदार कोमल प्रसाद साहू और सहायक खाद्य अधिकारी विद्यानंद पटेल समेत 4 सदस्यीय विशेष जांच टीम गठित की गई।

जब टीम ने 20 अप्रैल को मौके पर जाकर स्टॉक का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) किया, तो अधिकारियों के होश उड़ गए। कागजों में जो धान दर्ज था, वह जमीन पर गायब था।

गायब धान: 3140.80 क्विंटल (कीमत- ₹97,36,480/-)

गायब बारदाने: 2045 नग नए जूट बारदाने (कीमत- ₹1,75,931.35/-)

कुल गबन: ₹99,12,411.35 (करीब 99.12 लाख रुपये)

ऐसे रचा गया ₹99 लाख का ‘मास्टरप्लान’

पुलिस की पूछताछ और जांच में जो तरीका सामने आया, उसने सरकारी सिस्टम की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

फर्जी टोकन और सांठगांठ: आरोपियों ने कुछ स्थानीय किसानों के साथ मिलकर सेटिंग की।

बायोमैट्रिक का खेल: बिना धान की आवक के ही किसानों के नाम पर फर्जी टोकन काटे गए। इसके बाद किसानों के बायोमैट्रिक डिवाइस, आइरिश स्कैनर और मोबाइल ओटीपी का इस्तेमाल कर कंप्यूटर सिस्टम में फर्जी ऑनलाइन एंट्री दर्ज कर दी गई।

लाखों की रकम डकारने की तैयारी: इस पूरी कूटरचना के जरिए शासन को करीब 99 लाख रुपये का चूना लगाकर राशि गबन कर ली गई।

कंप्यूटर, स्कैनर और मोबाइल जब्त

सहायक खाद्य अधिकारी विद्यानंद पटेल की लिखित रिपोर्ट पर सरिया थाना में अपराध क्रमांक 101/2026, धारा 316(5), 3(5) बीएनएस (BNS) के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को दबोच लिया। इनके कब्जे से अपराध में इस्तेमाल:

02 नग कंप्यूटर सिस्टम

बायोमैट्रिक डिवाइस और आइरिश स्कैनर

किसानों की तौल पर्चियां और ओटीपी वाले मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं।

गिरफ्तार आरोपी:

बंशीधर पटेल (56 वर्ष) – समिति प्रबंधक, निवासी: कटंगपाली ‘अ’, थाना सरिया।

वासुदेव पटेल (48 वर्ष) – कंप्यूटर ऑपरेटर, निवासी: बरमकेला वार्ड क्रमांक 07।

एक्शन में सरिया पुलिस:

इस बड़े फर्जीवाड़े को बेनकाब करने में सरिया थाना प्रभारी निरीक्षक एन.एल. राठिया, प्रधान आरक्षक सुरेंद्र सिदार, मोहन गुप्ता, विजय यादव, आरक्षक लक्ष्मीनारायण पटेल, दिगंबर पटेल और महिला आरक्षक सविता यादव की मुख्य भूमिका रही। पुलिस अब इस बात की भी तफ्तीश कर रही है कि इस खेल में और कौन-कौन से रसूखदार किसान शामिल थे।

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