महुआपाली में जमीन के नीचे छिपा खनिज अब खुलेआम लूटा जा रहा है।
क्रेशरों तक पहुंच रहा अवैध पत्थर, सिस्टम खामोश क्यों?
खनिज माफिया मालामाल, जिम्मेदारों पर सवाल खड़े।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के महुआपाली क्षेत्र इन दिनों अवैध खनन का बड़ा केंद्र बनता जा रहा है। यहां डोलोमाइट पत्थर का धड़ल्ले से अवैध उत्खनन किया जा रहा है, और हैरानी की बात यह है कि यह पूरा खेल खुलेआम चल रहा है, बावजूद इसके संबंधित विभागों की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही।
क्रेशरों में खप रहा अवैध माल
महुआपाली से निकाला जा रहा अवैध डोलोमाइट सीधे आसपास संचालित क्रेशर प्लांटों में खपाया जा रहा है। बिना रॉयल्टी और बिना वैध दस्तावेजों के यह पत्थर बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हो रहा है, जिससे शासन को भारी राजस्व नुकसान हो रहा है।
माफिया हो रहे मालामाल
इस पूरे खेल में खनिज माफिया मोटी कमाई कर रहे हैं। कम लागत में अवैध खनन और सीधे खपत के चलते उन्हें भारी मुनाफा हो रहा है, जबकि सरकारी खजाना खाली हो रहा है। स्थानीय लोगों का भी कहना है कि यह सब बिना मिलीभगत के संभव नहीं।
विभाग की भूमिका पर सवाल
सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब यह अवैध खनन खुलेआम हो रहा है, तो जिम्मेदार विभाग आखिर कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा? क्या खनिज विभाग की नजर इस पर नहीं पड़ रही या फिर जानबूझकर अनदेखी की जा रही है?
स्थानीय लोगों में नाराजगी
ग्रामीणों का कहना है कि लगातार हो रहे अवैध खनन से पर्यावरण को भी नुकसान पहुंच रहा है। धूल, शोर और जमीन की खुदाई से क्षेत्र का संतुलन बिगड़ता जा रहा है, लेकिन शिकायतों के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही।
क्या होगी कार्रवाई?
अब देखना यह होगा कि इस मामले में प्रशासन कब तक कार्रवाई करता है या फिर महुआपाली यूं ही खनिज माफियाओं का गढ़ बना रहेगा।