महा घोटाला उजागर: ग्राम पंचायत निमधा जीपीएम कुछ महीने में धराशायी हुआ धान सुरक्षा शेड, हल्की बारिश भी न झेल पाया. विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल जवाबदार कौन
प्रशांत डेनियल गौरेला-पेंड्रा-मरवाही 7828438374
जिले गौरेला पेंड्रा मरवाही के ग्राम निमधा में भ्रष्टाचार का एक और बड़ा नमूना सामने आया है। जिस शेड को धान को बारिश से बचाने के लिए बनाया गया था, वो खुद को ही नहीं बचा पाया।
क्या है मामला?
तस्वीर में दिख रहा ये *धान भंडारण शेड/चबूतरा* सिर्फ कुछ महीने पहले* ही लाखों की लागत से बनाया गया था। मकसद था – खरीदी के बाद धान को बारिश और नमी से बचाना, ताकि किसानों की मेहनत खराब न हो।
लेकिन *पहली हल्की बारिश में ही टीन शेड उखड़कर धराशायी हो गया*। लोहे के एंगल मुड़ गए, पूरी छत ज़मीन पर आ गिरी। चबूतरों में पानी भरा है।
शासन के पैसो का हो रहा खुला दुरपयोग कार्यवाही नहीं होने सें हौसले बुलंद. करीब 18 लाख की लागत मूल्य का शेड धारासाई
सवाल जो उठ रहे हैं:
1. *गुणवत्ता कहाँ गई?* –एक वर्ष भी न टिक सका निर्माण। घटिया मटेरियल, कमजोर स्ट्रक्चर साफ दिख रहा है।
2. *जांच कौन करेगा?* – लाखों का सरकारी पैसा बर्बाद। ठेकेदार, इंजीनियर, भुगतान करने वाले अफसर की जिम्मेदारी तय हो।
3. *किसानों का नुकसान* – अगर धान भरा होता तो पूरी फसल बर्बाद हो जाती। ये सीधे किसानों की कमर तोड़ना है।
*“जिस रक्षक को धान बचाना था, वो खुद ही भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया।”* – स्थानीय ग्रामीण
बहुत जल्द जिले मे मुख्यमंत्री का दौरा है जिसमे मुख्यमंत्री स्वयं स्थल का निरिक्षण करेंगे
*प्रशासन से मांग*
1. *तत्काल उच्च स्तरीय जांच* बैठाई जाए।
2. *ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट* कर राशि वसूली हो।
3. *जिम्मेदार अफसरों पर FIR* दर्ज हो।
4. *गुणवत्ता के साथ दोबारा निर्माण* हो, ताकि किसानों का भरोसा बचे।