भीषण गर्मी के बीच सक्ती में एक बड़े सट्टा रैकेट पर पुलिस ने ऐसा शिकंजा कसा कि पूरे नेटवर्क की परतें खुलती चली गईं।
आईपीएल मैचों के नाम पर चल रहे इस अवैध खेल में अब तक 5 आरोपियों की गिरफ्तारी ने कई चौंकाने वाले खुलासे कर दिए है।
जिला सक्ती के थाना सक्ती क्षेत्र में आईपीएल सट्टा के एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक प्रफ्फुल कुमार ठाकुर के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई, जिसमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल और एसडीओपी डॉ. भुवनेश्वरी पैकरा के मार्गदर्शन में थाना सक्ती पुलिस और साइबर टीम ने संयुक्त रूप से काम किया।
मामले की शुरुआत 29 अप्रैल 2026 को मुखबिर से मिली सूचना से हुई, जब पुलिस ने पहली रेड में भुपेन्द्र राठौर को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि वह अलग-अलग बेटिंग ऐप्स के जरिए आईपीएल सट्टा चला रहा था। आरोपी क्यूआर कोड बनाकर और आईडी-पासवर्ड व्हाट्सएप के माध्यम से लोगों को उपलब्ध कराता था, जिससे सट्टा नेटवर्क तेजी से फैल रहा था।
डिजिटल ट्रेल से खुली पूरी साजिश
प्रारंभिक जांच के दौरान पुलिस को मिले डिजिटल साक्ष्यों ने पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिया। मोबाइल डेटा, चैट और ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड के आधार पर पुलिस ने एक-एक कर गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंच बनाई। योजनाबद्ध तरीके से अलग-अलग समय पर कार्रवाई करते हुए कुल 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी बैंक खातों और डिजिटल पेमेंट ऐप्स जैसे PhonePe के जरिए लाखों रुपए का लेन-देन कर रहे थे। जीत-हार की रकम भी इसी माध्यम से ट्रांसफर की जाती थी, जिससे यह नेटवर्क पूरी तरह डिजिटल रूप में संचालित हो रहा था।
इन आरोपियों की हुई गिरफ्तारी
पुलिस ने अब तक जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें भुपेन्द्र राठौर (28 वर्ष), चंद्रेशकुमार राठौर (32 वर्ष), मुकेश अग्रवाल (46 वर्ष), पिंटू जायसवाल (24 वर्ष) और संजय केंवट (28 वर्ष) शामिल हैं। ये सभी सक्ती और आसपास के क्षेत्रों के निवासी हैं।
पिंटू जायसवाल और संजय केंवट ने पूछताछ में यह स्वीकार किया है कि उन्होंने अपने बैंक खाते और मोबाइल ऐप्स सट्टा रकम के लेन-देन के लिए उपलब्ध कराए थे।
मोबाइल फोन बने सबसे बड़े सबूत
पुलिस ने आरोपियों के पास से 5 मोबाइल फोन जब्त किए हैं, जिनमें सट्टा संचालन से जुड़े अहम डिजिटल सबूत मिले हैं। इन सबूतों के आधार पर अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।
पूरे नेटवर्क को खत्म करने की तैयारी
पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई किसी छोटे स्तर के सट्टा नहीं, बल्कि एक बड़े और संगठित नेटवर्क के खिलाफ है। तकनीकी जांच के जरिए पूरे चैन-सर्कल को तोड़ने की दिशा में लगातार कार्रवाई जारी है और जल्द ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी संभव है।
पुलिस की अपील
सक्ती पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अवैध सट्टा गतिविधियों से दूर रहें। अगर कहीं ऐसी गतिविधियों की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।