रानी दुर्गावती चौक सकोला में बेटियों की सुरक्षा भगवान भरोसे, नेशनल खिलाड़ी दे रही बरामदे में परीक्षा
मंत्री के काफिले के लिए पुलिस, कन्या शाला की छात्राओं के लिए नहीं : जर्जर भवन, भरे पानी में चल रहा भविष्य
*सकोला / गौरेला-पेंड्रा-मरवाही*

जिला मुख्यालय के मध्य स्थित रानी दुर्गावती चौक सकोला राजनीति का केंद्र बना हुआ है, जहां सभी राजनीतिक दलों के कार्यक्रम और मंत्रियों के काफिले के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात हो जाता है, लेकिन उसी चौक पर स्थित शासकीय कन्या शाला की सैकड़ों बेटियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए प्रशासन के पास व्यवस्था नहीं है।
यह जिला का इकलौता ऐसा कन्या विद्यालय है जहां कक्षा पहली से 12वीं तक लगभग सैकड़ों छात्राएं अध्ययनरत हैं। इसी परिसर में आंगनबाड़ी केंद्र और शिक्षकों का आवास भी संचालित है।
मुख्य मार्ग पर हादसे का डर
रानी दुर्गावती तिराहा मुख्य मार्ग होने के कारण यहां बड़े वाहनों का आवागमन दिनभर लगा रहता है। दूर-दराज के गांवों से आने वाली छात्राएं बस के इंतजार में घंटों इसी तिराहे पर खड़ी रहती हैं, जिससे हमेशा दुर्घटना का भय बना रहता है। अभिभावकों ने कई बार स्पीड ब्रेकर, जेब्रा क्रॉसिंग और ट्रैफिक पुलिस की मांग की है।
संसाधन नहीं, फिर भी नेशनल में चमक रहीं बेटियां
सबसे बड़ी विडंबना यह है कि पर्याप्त संसाधन न होने के बावजूद इस स्कूल की छात्राएं हर साल जिमनास्टिक जैसे खेल में नेशनल लेवल तक खेलकर जिले और गांव का नाम रोशन कर रही हैं।
प्राचार्य ने खुद मांगी मदद
स्कूल के प्राचार्य ने बताया कि बरसात में स्कूल मैदान में पानी भर जाता है, जिसे स्थानीय लोगों से मदद लेकर मुरुम डलवाकर ठीक किया गया है। पर्याप्त कक्ष न होने से बच्चों को बरामदे में और जर्जर कमरों में बैठाकर पढ़ाना पड़ रहा है।
बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ पर सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कूलों में अन्य आयोजनों के लिए निर्देश आ जाते हैं, लेकिन सैकड़ों बच्चियों की जान जोखिम में डालने वाले जर्जर भवन और सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान नहीं दिया जा रहा।
ग्रामीणों ने विधायक और जिले के प्रभारी मंत्री से मांग की है कि केवल नारों से नहीं, जमीनी काम करके दिखाएं। रानी दुर्गावती चौक की इस कन्या शाला को सुरक्षित भवन, बाउंड्रीवॉल, अतिरिक्त कक्ष और ट्रैफिक सुरक्षा व्यवस्था तत्काल उपलब्ध कराई जाए।









