मजदूरी और पुताई सामग्री के भुगतान का विवाद, दुकानदार ने मजदूर के साथी की बाइक रखी; इंटक ने दिया मकान मालिक को तीन दिन का समय
मजदूरी के साथ साथ सामान का भी पैसा मजदूर को मकान मालिक ने नहीं दिया जिसके कारण दुकानदार ने मज़दूर साथी की मोटर सायकल छीन कर रख लिया मामला गौरेला के मजदूर चंचल रोहड़ी निवासी वार्ड क्रमांक 15अंबेडकर जिसके द्वारा गौरेला में मकान मालिक के यहां पुट्टी पुताई का कार्य किया था मकान मालिक ने चंचल रोहड़ी को बोला कि मैं बाहर सामान खुद ले आ मै आकर समान पैसा दे दुंगा कही जिसके बाद मजदूर चंचल के द्वारा अपने नाम से पुताई का समान दुकानदार से लाकर काम करा दिया लेकिन काम पूरा होने के बाद मकान मालिक ने चंचल रोहड़ी को 19000हजार लेवर पेमेंट में 15000हजार दिया और 25000हजार रुपए समान का पैसा कल देने को बोला लेकिन छे सात महीने से आज दूंगा कल दुंगा करते हुए घुमा रहा था दुकानदार को समान का पैसा नहीं मिलने से उसने चंचल के साथी की मोटर सायकल छीन कर रख ली जिसे मजदूर काफी परेशान बार बार मकान मालिक से पैसा मांग रहा था

जिसे वो अपने साथी की गाड़ी दुकानदार से वापस ले सकें लेकिन मकान मालिक ने पैसा नहीं दिया आठ नौ माह से ऊपर हो गई लेकिन मजदूर का पैसा नहीं मिलने से चंचल के साथी की मोटर सायकल दुकानदार रखा हुवा साथ जिस मजदूर की मोटर सायकल छीन कर रख लिया गया है उसके साथ मजदूर चंचल रोहड़ी का लगातार विवाद हो रहा है इन सभी परेशानियों से परेशान मजदूर जिला कार्यालय राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस इंटक में आकर लिखित सिकायत दी जिसके बाद इंटक प्रदेश सचिव जिला अध्यक्ष इदरीस अंसारी ने मकान मालिक को अपना पक्ष रखने के लिए तीन दिन का समय दिया है जिसके बाद आगे की कारवाई कराई जाएगी मीडिया के साथियों ने इंटक अध्यक्ष इदरीस अंसारी से मकान मालिक एवं दुकानदार का नाम जानना चाहा जिसके जवाब में इंटक अध्यक्ष इदरीस अंसारी ने बताया कि अभी तीन दिन का समय दिया गया है दूसरे तीसरे पक्ष का जवाब आने के बाद ही किसी का नाम बता पाऊंगा अगर आपसी समझौता में बात बन जाती है तो किसी की छवि 29000हजार जैसी रकम के लिए खराब करने की जरूरत नहीं है आगे इंटक अध्यक्ष ने बताया कि इंटक का उद्देश्य मजदूरों के हक आधिकार दिलाने का है किसी को बदनाम करने का नहीं वरना मामला तो f i r दर्ज तक हो शक्ति है पूरी कोशिश मेरी यहीं रहेगी कि आपसी समझौता से बात खत्म हो जाए ये बात बिल्कुल सही है कि किसी गरीब मजदूर की मजदूरी नहीं दी गई है और साथ में उसके साथी की मोटर सायकल छीन ली गई बड़े अफसोस की बात है अब देखना होगा कि इंटक जिला अध्यक्ष इदरीस अंसारी जो मजदूरों के मसीहा के रूप में जाने जाते हैं वो क्या मजदूर का हक दिला पाते या फिर मकान मालिक एवं दुकानदार का नाम नहीं बताने के पीछे उनसे कोई भाईचारा निभाते हैं देखना दिलचस्प होगा







