सारंगढ़। जिले के टीमरलगा स्थित खनिज जांच चौकी को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक आधी रात के समय बिना वैध रॉयल्टी पर्ची और ओवरलोड खनिज सामग्री से लदे वाहन इस चौकी से आसानी से पार हो रहे हैं। सूत्रों का यह भी कहना है कि इस पूरे मामले में खनिज विभाग की भूमिका फिलहाल मूकदर्शक जैसी नजर आ रही है।

गौरतलब है कि कुछ समय पहले जब खनि निरीक्षक चंद्राकर ने नई पदस्थापना के बाद कार्रवाई की कमान संभाली थी, तब उनकी तेज-तर्रार कार्यशैली से क्षेत्र के खनिज माफियाओं में हड़कंप मच गया था। लगातार क्रेशरों पर छापेमारी कर उन्हें सील किया जा रहा था, जिससे अवैध कारोबार पर काफी हद तक अंकुश लगा था। लेकिन सूत्रों की मानें तो फिलहाल हालात बदले हुए नजर आ रहे हैं और मामला पूरी तरह शांत पड़ गया है।
बताया जा रहा है कि अब खनिज लदे वाहन बिना रॉयल्टी और ओवरलोड की परवाह किए बैरियर के सामने से बेखौफ होकर फर्राटा भरते नजर आ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर इसे लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है।
यह पूरा मामला गंभीर जांच की मांग करता है। यदि वास्तव में क्षेत्र में खनिज का अवैध परिवहन हो रहा है, तो इसे विभागीय स्तर पर बड़ी चूक माना जाएगा। ऐसे में जिला कलेक्टर से अपेक्षा की जा रही है कि वे इस पूरे प्रकरण का संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच के आदेश दें, ताकि हकीकत सामने आ सके।
(नोट: यह खबर सूत्रों के हवाले से आधारित है। किसी व्यक्ति विशेष, अधिकारी या विभाग पर सीधा आरोप नहीं लगाया गया है। मामले की तथ्यात्मक पुष्टि प्रशासनिक जांच के बाद ही हो सकेगी।)






