Damrua

सरकारी ठेकेदार बनकर 14 गाड़ियां बेचने वाला गिरफ्तार, करोड़ों की धोखाधड़ी का पर्दाफाश

Raipur news।दानेश्वर निषाद, जो खुद को सरकारी ठेकेदार बताता था, गिरफ्तार हो गया है। धर्मेन्द्र प्रसाद ने टिकरापारा थाने में शिकायत की। वह संतोषीनगर बोरियाखुर्द में रहता है और प्रज्ञा होटल चलाता है। पांच महीने पहले उसने एक सफेद स्कॉर्पियो खरीदी थी, जिसकी कीमत करीब 13 लाख रुपये थी। यह वाहन उसने चोला मंडलम फायनेंस कंपनी से फाइनेंस करवाया था। लेकिन, किश्त नहीं चुका पाने के चलते उसने इसे किराए पर देने का फैसला किया।

 

उसने ए.एफ.सी ट्रैवल्स एजेंसी से संपर्क किया, जो कारों को किराए पर देती है। ए.एफ.सी ट्रैवल्स का एक व्यक्ति उसके होटल आया। उसने अपना नाम दानेश्वर निषाद बताया और खुद को सरकारी ठेकेदार बताया। उसने धर्मेंद्र को यह भी बताया कि वह सरकारी और प्राइवेट विभागों में चारपहिया वाहन किराए पर देता है। धर्मेन्द्र उसकी बातों में आ गया और 16 दिसंबर 2024 को एक स्टाम्प पेपर पर 35,000 रुपये में वाहन किराए पर देने का अनुबंध कर दिया।

 

लेकिन जब उसने कंपनी से संपर्क किया, तो जवाब नहीं मिला। फिर वह कंपनी के ऑफिस गया, जहां उसे बताया गया कि दानेश्वर निषाद 14 से 15 लोगों से वाहन ले कर फरार हो गया है। इस तरह दानेश्वर ने लोगों के साथ धोखाधड़ी की और उनके वाहनों को बेच दिया। इसके बाद टिकरापारा थाने में उसके खिलाफ मामला दर्ज हुआ।

 

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर एंटी क्राइम और साइबर यूनिट ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने आरोपी की तलाश में कई स्थानों पर छापे मारे। अंततः दानेश्वर को पकड़ा गया, उसने कथित तौर पर अपनी चोरी की बात स्वीकार की। पुलिस ने उसके कब्जे से 14 चारपहिया वाहन भी जब्त किए। गिरफ्तार आरोपी दानेश्वर निषाद, 29 वर्ष, ग्राम जमराव, थाना अमलेश्वर, जिला दुर्ग का निवासी है।

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