डमरूआ /रायगढ़.
कोरबा के न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी द्वारा बालको थाना के सहायक उपनिरीक्षक-अजय सिंह, महिला आरक्षक-जलवेश कंवर, आरक्षक-गजेन्द्र रजवाड़े, आरक्षक-अनिल कुमार साहू को एवं पुलिस चौकी , रजगामार के प्रधान आरक्षक-गुरूवार सिंह एवं आरक्षक-कृष्णा पटेल को भारतीय दण्ड विधान की धारा 341, 342, 452, 427, 182, 211, 323, 354, 166, 166। के अपराध के पंजीयन हेतु राजमणी अग्रवाल द्वारा पेश परिवाद पर सुनवाई हेतु न्यायालय में तलब करने का आदेश देकर 04 दिसम्बर की तारीख मुकर्रर की गई है।
प्रतिष्ठित अग्रवाल परिवार की महिला राजमणी नें मिश्रा चेम्बर, रायगढ़ के सीनियर एडवोकेट, अशोक कुमार मिश्रा-आशीष कुमार मिश्रा के मार्फत् मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, कोरबा के न्यायालय में परिवाद पेश कर आरोप लगाया है कि 29 मार्च को प्राप्तः 07ः10 बजे सादे कपड़ों में उसके घर में जलवेश कंवर, गजेन्द्र रजवाड़े, अनिल कुमार, कृष्णा पटेल वर्दी वाले इंस्पेक्टर अजय सिंह के साथ घुस गए एवं उसके सीने में हाथ रखकर धक्का दिये, डी.वी.आर. लूट लिए एवं उसके पति अजय अग्रवाल, ननद सुधा अग्रवाल और पुत्र अर्पित अग्रवाल के साथ मारपीट किये तथा 2,200/-(दो हजार दो सौ रूपए) लूटकर ले गए, जिसकी रिपोर्ट कही भी दर्ज नहीं की गई।
राजमणी नें यह भी आरोप लगाया है कि उसके पुत्र को अवैध रूप से बंदी बनाकर रिमाण्ड के लिए फर्जी मामले में न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ न्यायालय नें इन पुलिसकर्मियों की कार्यवाही को अवैध होना ठहराते हुए पुलिस का रिमाण्ड आवेदन खारिज कर दिया एवं पुलिस महानिदेशक, रायपुर को एवं पुलिस अधीक्षक, कोरबा को निर्देशित किया कि इन पुलिस अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही की जावे।
राजमणी के पति अजय अग्रवाल नें इस मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में ॅच्ब्त् छव.370ध्2026 पेश किया था, जिसमें मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली दो सदस्यीय बंेंच नें इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए दिनांक 16/07/2026 को पारित आदेश में पुलिस अधीक्षक, कोरबा को सख्त हिदायत दिया था कि ऐसी घटना की पुनरावृत्ति भविष्य में नहीं होनी चाहिए।
पुलिस अधीक्षक, कोरबा द्वारा हाईकोर्ट के समक्ष शपथपत्र पेश किया गया था कि विवेचना अधिकारी को इस प्रकरण में विभागीय तौर पर दण्डित किया गया है। पीड़ित महिला के अधिवक्ता अशोक कुमार मिश्रा पीड़ित महिला राजमणी अग्रवाल एवं उसके पति अजय अग्रवाल का बयान न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, कोरबा के समक्ष दर्ज कराया गया एवं दस्तावेज पेश किये गए, जिसके पश्चात् अदालत नें आरोपित पुलिस अधिकारियों को 04 दिसम्बर को उपस्थिति हेतु समन जारी करते हुए कोरबा के पुलिस अधीक्षक को जाँच प्रतिवेदन पेश करने हेतु निर्देशित किया है।
न्यायालय के आदेश पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मिश्रा चेम्बर के सीनियर वकील अशोक कुमार मिश्रा-आशीष कुमार मिश्रा नें कहा कि, पीड़ित महिला द्वारा न्याय प्राप्ति के लिए अंतिम विकल्प के रूप में अदालत का दरवाजा खट-खटाया गया है एवं कानूनी प्रावधानों के तहत् पुलिस अधिकारियों के विरूद्ध मामला पेश करके महिला नें अपनी जागरूकता का परिचय दिया है।
