भारत माता चौक से रायपुर मार्ग तक जाम का आतंक, गौरव पथ बना कचरा पथ; रायगढ़ मार्ग बना “हादसों का हाईवे”
सारंगढ़-बिलाईगढ़। जिला बनने के जश्न को आज पूरे 4 साल यानी 1462 दिन हो गए, लेकिन शहर की सड़कों पर राज अब भी मवेशियों का है, इंसानों का नहीं! भारत माता चौक से रायपुर मार्ग पर हर रोज गायों और भैंसों का ऐसा जमावड़ा लगता है कि वाहन चालक हमेशा हादसों के दरवाजे पर होते है और जिम्मेदार आंखें मूंदे बैठे हैं।
सबसे शर्मनाक बात जिला मुख्यालय की सड़कों पर डिवाइडर तक नहीं बचा! न कोई लेन, न कोई अनुशासन, बस अंधी दौड़ और हर पल हादसे का खतरा।
और वो “गौरव पथ”, जिसे कभी सारंगढ़ की शान कहा जाता था? अब वो सिर्फ नाम का गौरव पथ है सफाई नदारद, गंदगी का अंबार, और प्रशासन की उदासीनता का जीता-जागता सबूत।
रायगढ़ पहुंच मार्ग की हालत तो और भी डरावनी है यहां भी मवेशियों का कब्जा है, और यही सड़क बन चुकी है सारंगढ़ की “मौत की सड़क”, जहां सबसे ज्यादा हादसे दर्ज हो रहे हैं।रात के समय रायगढ़ पहुंच मार्ग मवेशियों के कब्जे में होता है icici bank से मवेशियों के कब्जे की शुरुवात हरदी के बाय पास तक होती है जिससे रात के अंधेरे में वाहन चालकों के लिए सड़क हादसे का खतरा बना होता है ।
और सबसे बड़ा सवाल जिस मुख्यमंत्री ने खुद इस क्षेत्र से सांसद रहते इलाके की नब्ज़ पहचानी थी, वो सीएम बनने के बाद भी सारंगढ़ को भूल गए क्या? न सांसद रहते सूरत बदली, न सीएम बनने के बाद कोई कायाकल्प हुआ बस बढ़ी तो सिर्फ भीड़, और चरमरा गई तो सिर्फ व्यवस्था!
जनता अब चीख-चीख कर पूछ रही है जिला बनने का फायदा आखिर मिला किसको?