क्या फिर आ गया छलिया छलने को ?
क्या जांजगीर चाम्पा के भाग्य मे खड़ाऊ ही लिखा है ? नगर सरकार के की चुनावीय प्रकिया जोर पकड़ चुकी है, दोनों राष्ट्रीय दल के अपने अपने ढंग से चुनाव प्रचार मे जोर आजमाइश कर रही है, प्रचार के इस शोर को बढ़ाने बड़े बड़े नेता “चुनावक्षेत्र मे अभ्यर्थी ” के सारथी की तरह…