– मजदूरों के हित में इंटक ने सरकार को दिए 5 सुझाव, बोले- शिकायत के लिए बने अलग सेंटर
नोएडा/पेंड्रा। भारत सरकार के वी.वी. गिरी राष्ट्रीय श्रम संस्थान, नोएडा सेक्टर-24 में आयोजित प्रशिक्षण शिविर के अंतिम दिन छत्तीसगढ़ इंटक के प्रदेश सचिव एवं जिला अध्यक्ष इदरीस अंसारी ने अपनी टीम के साथ मजदूर हित में सरकार को 5 महत्वपूर्ण सुझाव दिए।

उन्होंने कहा कि यदि सरकार इन सुझावों पर काम करे तो गरीब और असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को भी बेहतर जीवन जीने का अवसर मिल सकता है।
*इंटक द्वारा दिए गए 5 सुझाव इस प्रकार हैं -*
*1. बिना प्रशिक्षण के पत्रकारिता पर रोक लगे -* इदरीस अंसारी ने कहा कि बिना जर्नलिज्म का कोर्स किए पत्रकारों को सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार की छूट नहीं मिलनी चाहिए। गलत प्रचार से कम पढ़े-लिखे गरीब मजदूर भ्रमित होते हैं।
*2. मजदूरों के लिए सुरक्षा और बीमा योजना बने -* मजदूर भी आम इंसान हैं, उनके भी बाल-बच्चे हैं लेकिन उनकी कोई सुरक्षा नहीं है। सरकार को असंगठित और संगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए दुर्घटना होने पर स्वास्थ्य सुविधा, गुजारा भत्ता और बीमा जैसी ठोस योजना बनानी चाहिए।
*3. प्रशिक्षण केंद्र बढ़ाए जाएं -* सरकार की योजनाओं का लाभ असंगठित मजदूरों को 20 से 30 प्रतिशत ही मिल पाता है। इसके लिए प्रशिक्षण केंद्रों की संख्या बढ़ाई जाए और गांव-गांव के पास केंद्र खोले जाएं ताकि गरीब मजदूर महिलाएं घर का काम निपटाकर आसानी से प्रशिक्षण ले सकें।
*4. प्रशिक्षण केंद्रों में आया की व्यवस्था हो -* ग्रामीण क्षेत्रों में महिला मजदूर घर का काम, बच्चों को स्कूल भेजने के बाद मजदूरी करने जाती हैं। अगर प्रशिक्षण केंद्र में बच्चों की देखभाल के लिए आया की व्यवस्था हो जाए तो महिलाएं एक घंटे आसानी से प्रशिक्षण लेकर सरकारी योजनाओं का लाभ ले सकेंगी।
*5. मजदूरी के लिए शिकायत सेंटर बने -* सरकार ने सेम वर्क के लिए समान मजदूरी तय की है, चाहे संगठित हो या असंगठित मजदूर। लेकिन असंगठित मजदूरों को यह मजदूरी मिलती है या नहीं, देखने वाला कोई नहीं है। श्रम विभाग में शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया जाता। इसके लिए एक अलग शिकायत सेंटर और त्वरित कार्रवाई के लिए संस्था का गठन होना चाहिए।
इदरीस अंसारी ने कहा कि हो सकता है उनके सुझावों में कुछ कमियां हों या सरकार पहले से ही उन पर काम कर रही हो, जिसकी उन्हें जानकारी न हो। उन्होंने प्रशिक्षण और सुझाव रखने का अवसर देने के लिए भारत सरकार और वी.वी. गिरी श्रम संस्थान के सभी प्रशिक्षकों का आभार व्यक्त किया।








