जनपद पंचायत गौरेला में प्रधानमंत्री आवास योजना में खुला उल्लंघन, ब्लॉक कोऑर्डिनेटर की भूमिका पर सवाल
*गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही:* प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत शासन के दिशा-निर्देशों की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। जनपद पंचायत गौरेला में पदस्थ ब्लॉक कोऑर्डिनेटर (प्रधानमंत्री आवास) की भूमिका बेहद संदेहास्पद नजर आ रही है।

*क्या है पूरा मामला*
ग्राम पंचायत भदौरा निवासी अमर सिंह राठौर ने प्रधानमंत्री आवास योजना में हो रही धांधली और नियमों के उल्लंघन को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत को संज्ञान में लेते हुए पूरे प्रकरण की जांच कराई गई।
*जांच कमेटी का स्पष्ट अभिमत*
जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में साफ लिखा कि गुलाब पिता लोभान सिंह, हिम्मत पिता शिवनाथ और बिरस्पतिया पति थामन से राशि की वसूली की जाए। साथ ही गेंदवती का आवास निरस्त कर सरपंच-सचिव पर नियमानुसार कार्रवाई की अनुशंसा की गई।
*जांच के बाद भी अपात्रों को लाभ*
चौंकाने वाली बात यह है कि जांच कमेटी द्वारा अपात्र घोषित किए जाने के बावजूद प्रधानमंत्री आवास योजना के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन कर पंचायत से प्रस्ताव मंगवाए जा रहे हैं। जांच में अपात्र पाए गए व्यक्तियों को ही पात्र बताकर उन्हें अनैतिक लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
*ब्लॉक कोऑर्डिनेटर पर उठे सवाल*
जब जनपद पंचायत गौरेला की जिम्मेदार जांच कमेटी ने ही उक्त व्यक्तियों को अपात्र घोषित कर वसूली का अभिमत दिया है, तो ब्लॉक कोऑर्डिनेटर द्वारा प्रस्ताव के माध्यम से अपात्र व्यक्तियों को अनुचित लाभ दिलाने की कोशिश क्यों की जा रही है? इससे प्रतीत होता है कि कहीं न कहीं बड़े पैमाने पर रुपयों का लेनदेन किया जा रहा है।



























