बिजली के दाम में 5वीं बार बढ़ोतरी, कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर लगाया “जनता पर अत्याचार” का आरोप
कांग्रेस ने आज जारी पत्रकार वार्ता में भाजपा सरकार पर बिजली के दाम बढ़ाकर जनता पर बोझ डालने का आरोप लगाया है। कांग्रेस के मुताबिक, भाजपा सरकार बनने के बाद बिजली के दाम लगातार पांचवी बार बढ़ाए गए हैं। जिला प्रभारी पूर्व बिलासपुर विधायक शैलेश पाण्डेय ने बढ़ती महंगाई और बिजली के बिल मे बढ़ोतरी का पुरजोर विरोध किया है उन्होंने कहा ये कुछ उद्योगपतियों को सीधा लाभ पहुंचाने के लिए सरकार जनता को ठगने का और कर्ज में डूबने का काम कर रही है जिससे जनता परेशान हैं उन्होंने बताया पीएम सूर्य घर योजना केवल और केवल पैसा कमाने का जरिया है जो कि अडानी की कंपनी को दिया गया है. वहीं पत्रकारों से बात करते हुए केंद्र सरकार की छलावा नीति का विरोध करते हुए शैलेश पांडे ने साफ रीति से बताया यह किस प्रकार से रोजगार से जुड़े हुए लोगों को ज्यादा बिजली बिल पटाने के लिए मजबूर किया जा रहा है एवं ज्यादा ईंधन खर्च होने के नाम पर ज्यादा बिजली बिल वसूला जा रहा है पूर्व विधायक में साफ शब्दों पर यह स्पष्ट किया कि यदि यह नीति यहां खत्म नहीं हुई तो हम उच्च न्यायालय की शरण लेंगे और इसका पुरजोर विरोध करेंगे.

वहीं पूर्व विधायक डॉक्टर के के ध्रुव ने भी बढ़ती हुई बिजली एवं महंगाई का पुरजोर विरोध करते हुए कहा किया किसानो और व्यापारियों के साथ धोखा है छलावा है एक तरफ पेट्रोल डीजल के लिए हाहाकार मचा हुआ है वहीं दूसरी तरफ महिलाएं गैस के लिए परेशान हैं एवं आम जनता बिजली के असमय कटौती के कारण बहुत सी परेशानियां एवं समस्याओं से जूझ रहा है
कांग्रेस ने उठाए ये 5 बड़े मुद्दे:
1. *दामों में बढ़ोतरी:* भाजपा सरकार ने इस बार घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 30 से 50 पैसे और गैर-घरेलू के लिए 20 से 40 पैसे की बढ़ोतरी की है। किसानों के कृषि पंप की बिजली में भी 40 पैसे प्रति यूनिट इजाफा किया गया है।
2. *12% ईंधन अधिभार:* हाल ही में सरकार ने बिजली के दामों में 12 प्रतिशत विद्युत ईंधन अधिभार, यानी FPPA सरचार्ज भी बढ़ाया था।
3. *कांग्रेस vs भाजपा तुलना:* कांग्रेस ने कहा कि उनकी सरकार ने 5 साल में सिर्फ 2 पैसे की बढ़ोतरी की थी। साथ ही 400 यूनिट तक हाफ बिजली बिल योजना लागू थी, जिसे भाजपा सरकार ने बंद कर दिया।
4. *बिल में अनियमितता:* कांग्रेस का आरोप है कि उपभोक्ताओं को एक ही महीने में ऑनलाइन और ऑफलाइन अलग-अलग बिल भेजे जा रहे हैं। बिना सहमति के अनुबंध भार भी बढ़ाया जा रहा है।
5. स्मार्ट मीटर विवाद::-स्मार्ट मीटर से खपत बढ़ाकर, फिर ज्यादा खपत का हवाला देकर अनुबंध भार बढ़ाया जा रहा है। एग्रीमेंट से अधिक खपत बताकर अर्थदंड जोड़कर बिल भेजे जा रहे हैं।
कांग्रेस ने कहा कि पिछले कुछ महीनों से बिजली के बिल 3 से 4 गुना तक आ रहे हैं, जिससे आम जनता परेशान है। पार्टी ने बिजली के दाम बढ़ाने को “जनता पर अत्याचार” करार दिया है और इसका विरोध जताया
वही श्रीमती गजमती भानू ने भी भाजपा सरकार द्वारा बिजली दरों में की गई वृद्धि का कड़ा विरोध किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार लगातार जनविरोधी निर्णय ले रही है और बिजली दरों में वृद्धि कर आम जनता, किसानों, मजदूरों, कर्मचारियों एवं छोटे व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने का काम कर रही है। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती गजमती भानू ने कहा कि भाजपा सरकार महंगाई से त्रस्त जनता को राहत देने के बजाय उनकी परेशानियां बढ़ा रही है। घरेलू उपभोक्ताओं से लेकर किसानों तक सभी वर्ग बढ़ी हुई बिजली दरों से प्रभावित होंगे। कांग्रेस पार्टी इस जनविरोधी निर्णय का पुरजोर विरोध करती है तथा सरकार से तत्काल बिजली दर वृद्धि वापस लेने की मांग की है
बिजली दरों में वृद्धि का सीधा असर आम नागरिकों के घरेलू बजट पर पड़ेगा। कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को गांव-गांव और वार्ड-वार्ड तक लेकर जाएगी तथा जनता की आवाज को मजबूती से उठाएगी। प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि बिजली दर वृद्धि वापस नहीं ली गई तो कांग्रेस पार्टी प्रदेशव्यापी आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।पत्रकार वार्ता का संचालन जिला महामंत्री पुष्पराज सिंह ने किया
इस अवसर पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता मूलचंद कुशराम, रमेश साहू, बाला कश्यप आदिवासी कांग्रेस अध्यक्ष बेचू अहिरेश ब्लैक अध्यक्ष दया वकरे। किसान कांग्रेस अध्यक्ष अवधेश गुर्जर सुनीलता टिमोथी अमोल पाठक सोशल मीडिया प्रभारी रियांस सोनी मंडल अध्यक्ष प्रशांत तिवारी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित रहे।



























