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रायगढ़ से दिल्ली तक फैले करोड़ों के क्रिकेट सट्टा नेटवर्क पर शिकंजा

ऑपरेशन क्लीन हंट: रायगढ़ पुलिस का बड़ा प्रहार, ऑनलाइन सट्टा सिंडिकेट का एक और मोहरा गिरफ्तार
रायगढ़ से दिल्ली तक फैले करोड़ों के क्रिकेट सट्टा नेटवर्क पर शिकंजा, फरार आरोपी आकाश पंसारी दबोचा गया

डमरूआ /रायगढ़। ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा, हवाला और काले धन के नेटवर्क के खिलाफ रायगढ़ पुलिस की मुहिम लगातार तेज होती जा रही है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में चलाए जा रहे ऑपरेशन क्लीन हंट के तहत पुलिस ने सट्टा सिंडिकेट से जुड़े एक और महत्वपूर्ण आरोपी आकाश पंसारी को गिरफ्तार कर लिया है। सक्ती निवासी आकाश पंसारी लंबे समय से फरार चल रहा था और पुलिस जांच में सामने आया है कि वह कुख्यात सट्टा कारोबारी करण चौधरी के नेटवर्क का सक्रिय सदस्य था।
पुलिस के अनुसार आरोपी केवल ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालन तक सीमित नहीं था, बल्कि हवाला के जरिए सट्टे की रकम को विभिन्न स्थानों तक पहुंचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा था। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब पूरे आर्थिक अपराध नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी हुई है।
एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी तथा नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा के पर्यवेक्षण में साइबर थाना की टीम लगातार तकनीकी साक्ष्यों, डिजिटल ट्रेल, बैंकिंग लेनदेन, कॉल रिकॉर्ड और चैट डेटा का विश्लेषण कर रही है। पुलिस का दावा है कि यह केवल सट्टेबाजी का मामला नहीं बल्कि एक संगठित आर्थिक अपराध सिंडिकेट है, जिसकी जड़ें कई शहरों तक फैली हुई हैं।

तकनीकी जांच से खुली परतें, करण चौधरी गैंग तक पहुंचा पुलिस का हाथ

थाना कोतवाली के अपराध क्रमांक 217/2026 और 218/2026 की विवेचना के दौरान पुलिस को कई ऐसे डिजिटल और वित्तीय साक्ष्य मिले, जिनसे आकाश पंसारी का नाम सामने आया। पुलिस के अनुसार आरोपी सीधे तौर पर करण चौधरी सिंडिकेट से जुड़ा हुआ था और सट्टे के अवैध कारोबार में सक्रिय भागीदारी निभा रहा था। तकनीकी साक्ष्य सामने आने के बाद आरोपी फरार हो गया था, लेकिन साइबर टीम ने उसका पीछा नहीं छोड़ा और अंततः सक्ती से गिरफ्तार कर लिया।

रायगढ़ से दिल्ली तक फैला था सट्टे का साम्राज्य

पुलिस जांच में यह तथ्य सामने आया है कि नेटवर्क रायगढ़, सक्ती, रायपुर, बिलासपुर से लेकर दिल्ली तक सक्रिय था। करोड़ों रुपये के लेनदेन को सीधे बैंक खातों में रखने के बजाय पेट्रोल पंप, मेडिकल स्टोर, कारोबारी प्रतिष्ठानों और परिचित व्यक्तियों के माध्यम से कैश डंप किया जाता था। इसके बाद हवाला चैनलों के जरिए रकम को विभिन्न स्थानों पर पहुंचाया जाता था। जांच एजेंसियां अब इस नेटवर्क के अन्य आर्थिक लाभार्थियों और सहयोगियों की पहचान में जुटी हैं.

कृष्णा प्राइड टॉवर से करोड़ों की काली कमाई का खुलासा

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इस पूरे मामले में पहले ही पुलिस कृष्णा प्राइड टॉवर स्थित फ्लैट में बड़ी कार्रवाई कर चुकी है। कार्रवाई के दौरान सुनील अग्रवाल के कब्जे से 50 लाख रुपये नगद, नोट गिनने की मशीन और मोबाइल फोन बरामद किए गए थे। वहीं पुष्कर अग्रवाल के कब्जे से 52 लाख 60 हजार रुपये नकद और मोबाइल फोन जब्त किए गए थे।
पुलिस का दावा है कि यह रकम ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे और हवाला नेटवर्क से जुड़ी हो सकती है। जब्त इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से प्राप्त डेटा की फोरेंसिक जांच जारी है।

हवाला के जरिए ब्लैक मनी को व्हाइट करने का खेल

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विवेचना में सामने आया है कि सट्टे से अर्जित रकम को वैध दिखाने के लिए हवाला नेटवर्क का उपयोग किया जा रहा था। पुलिस को ऐसे संकेत मिले हैं कि कई कारोबारी प्रतिष्ठानों और निजी खातों का उपयोग इस रकम को घुमाने और छिपाने के लिए किया गया। जांच में यह भी पाया गया कि आरोपी अपने स्वयं के बैंक खातों और मोबाइल नंबरों का उपयोग करने के बजाय कर्मचारियों, परिचितों और सहयोगियों के खातों का इस्तेमाल कर रहे थे ताकि कानून की पकड़ से बचा जा सके।

अप्रैल की कार्रवाई में छह सटोरिये पहले ही हो चुके हैं गिरफ्तार

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26 अप्रैल 2026 को साइबर सेल, कोतवाली और घरघोड़ा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में ऑनलाइन आईपीएल सट्टा नेटवर्क पर बड़ी दबिश दी गई थी। उस दौरान छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था तथा सात मोबाइल फोन, लाखों रुपये के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और नगदी जब्त की गई थी। उसी कार्रवाई के बाद पूरे सिंडिकेट की गहराई से जांच शुरू हुई थी, जिसके परिणामस्वरूप अब एक-एक कर नेटवर्क से जुड़े चेहरे बेनकाब हो रहे हैं।

आरोपी से आईफोन और मोबाइल जब्त

गिरफ्तार आरोपी आकाश पंसारी के कब्जे से लगभग 60 हजार रुपये कीमत का एक आईफोन और लगभग 5 हजार रुपये कीमत का वीवो मोबाइल फोन बरामद किया गया है। पुलिस इन उपकरणों से प्राप्त डिजिटल डेटा का विश्लेषण कर रही है ताकि नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंचा जा सके।

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