सारंगढ़-बिलाईगढ़।
जिले में अवैध खनन और अवैध परिवहन पर रोक लगाने के लिए गठित जिला टास्क फोर्स द्वारा कोसीर क्षेत्र में रेत के अवैध परिवहन पर की गई कार्रवाई को प्रशासनिक स्तर पर एक सकारात्मक और सराहनीय कदम माना जा रहा है। कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे के निर्देश एवं खनिज अधिकारी बजरंग पैकरा के मार्गदर्शन में की गई इस कार्रवाई से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि जिला प्रशासन अवैध खनन को लेकर गंभीर है।
रेत के अवैध परिवहन में संलिप्त वाहनों पर की गई यह कार्रवाई कोई पहली कार्रवाई नहीं है। इससे पहले भी टास्क फोर्स द्वारा रेत के मामलों में कार्रवाई की जा चुकी है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि इस खनिज पर प्रशासन की निगरानी लगातार बनी हुई है।
लेकिन सवाल यहीं से खड़े हो रहे हैं..
जिला टास्क फोर्स का गठन केवल रेत ही नहीं, बल्कि रेत, पत्थर और गिट्टी,तीनों के अवैध खनन और परिवहन पर समान रूप से कार्रवाई के उद्देश्य से किया गया है। इसके बावजूद गुडेली और कटंगपाली क्षेत्र में:-
डोलोमाइट और चूना पत्थर का अवैध खनन
बिना रॉयल्टी खनिज परिवहन
और गिट्टी का अवैध आवागमन
लंबे समय से जारी होने के आरोप लगते रहे हैं, लेकिन इन क्षेत्रों में अब तक कोई बड़ी और निर्णायक कार्रवाई सामने नहीं आई है।
क्या कार्रवाई केवल रेत तक सीमित है?
जब रेत के मामलों में लगातार कार्रवाई हो रही है, तो यह सवाल स्वाभाविक है कि
गुडेली–कटंगपाली में पत्थर और गिट्टी पर वही सख्ती क्यों नहीं दिखाई दे रही?
क्या टास्क फोर्स की सक्रियता कुछ चुनिंदा खनिजों तक सीमित हो गई है?
यही सवाल अब खनिज अधिकारी बजरंग पैकरा के मार्गदर्शन में चल रही कार्रवाई और टास्क फोर्स की कार्यप्रणाली पर उठने लगे हैं।
NSUI ने दी आंदोलन की चेतावनी
इस मुद्दे पर NSUI जिला अध्यक्ष अभिषेक शर्मा ने कहा:-
“टास्क फोर्स की कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन यदि यह केवल रेत तक सीमित रही और गुडेली,कटंगपाली, बिलाईगढ़ जैसे बड़े खनिज क्षेत्र में चल रहे चूना पत्थर ,डोलोमाइट के अवैध खनन, बिना रॉयल्टी परिवहन और गिट्टी के अवैध कारोबार पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो NSUI आंदोलन के लिए बाध्य होगी।
विधायक ने कहा :-समान कार्रवाई नहीं हुई तो उठेगा मुद्दा
मामले ने राजनीतिक स्तर पर भी गंभीर रूप ले लिया है। सारंगढ़ विधायक श्रीमती उत्तरी गणपत जांगड़े ने स्पष्ट शब्दों में कहा:-
“यदि अवैध खनन और परिवहन पर रोक लगाने के लिए टास्क फोर्स गठित की गई है, तो उसकी कार्रवाई रेत, पत्थर और गिट्टी तीनों खनिजों पर समान रूप से होनी चाहिए। यदि केवल एक खनिज पर फोकस किया गया और अन्य क्षेत्रों को नजरअंदाज किया गया, तो इस विषय को उच्च स्तर पर उठाया जाएगा।”
अब टास्क फोर्स की असली परीक्षा
रेत पर कार्रवाई कर टास्क फोर्स ने अपनी मंशा दिखाई है।
अब असली परीक्षा यह है कि:-
क्या गुडेली,कटंगपाली में अवैध पत्थर खनन और गिट्टी के अवैध परिवहन पर भी वही सख्ती दिखाई जाएगी, या कार्रवाई केवल चुनिंदा मामलों तक सीमित रहेगी?
जिले की जनता, जनप्रतिनिधि और संगठन अब कार्रवाई नहीं, समान कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं।