जांजगीर-चांपा:- पुलिस ने आज एक ऐसी “कड़ी” कार्रवाई की जिसमें *सरिया, ग्रेनाइट और पुलिस की इज्जत* तीनों ही बेनकाब हुए! थाना चांपा/जांजगीर कोतवाली और साइबर टीम की मिलीभगत से (ओह, माफ कीजिए, *मेहनत* से) एक भवन-निर्माण सामग्री चोरी गिरोह का भंडाफोड़ हुआ।
चोर गिरोह का “स्टील” (स्टील) फ्रैमवर्क:*
*आरक्षक शशिकांत कश्यप* (जांजगीर पुलिस लाइन) – जिनका “साइड बिजनेस” चोरी करके अपना घर बनाना था!
*3 अन्य साथी + 4 नाबालिग* क्योंकि “छोटे-छोटे हाथ, बड़े-बड़े काम!”
*10 लाख का माल बरामद* जिसमें सरिया, ग्रेनाइट और *पुलिस की किरकिरी शामिल है!
पुलिस अधीक्षक (IPS विजय कुमार पाण्डेय) का ऐलान:
“हम अपने ही लोगों को नहीं बख्शेंगे! अगर कोई आरक्षक चोरी करेगा, तो हम उसे गिरफ्तार करेंगे…”
चोरी का “क्राफ्टेड” तरीका:
– आरोपी रातोंरात दुकानों से सरिया, ग्रेनाइट, पत्थर की चौखट उठा लेते थे।
पिकअप वाहन और मोटरसाइकिलका इस्तेमाल क्योंकि Ola-Uber चोरी के लिए नहीं आते!
– आरक्षक का “स्वप्निल झोपड़ा” जो चोरी के सरियों से बन रहा था! (अब जेल की सलाखों से बनेगा।)
पुलिस की “स्मार्ट” जांच:
तकनीकी निगरानी (यानी CCTV फुटेज देखकर चौंक गए कि आरोपी पुलिस वाला है!)
आरक्षक से पूछताछ जो शुरू में गुमराह करने की कोशिश करता रहा, लेकिन जब मोबाइल लोकेशन और व्हाट्सऐप चैट्ससामने आए, तो बोला – “सर, ये तो मेरे घर के लिए शॉपिंग थी!”
विभागीय कार्रवाई:
– आरक्षक के खिलाफ 3 केस दर्ज– क्योंकि एक केस में तो “पुलिस की इमेज” ही नहीं बचती!
– नाबालिगों को किशोर न्यायालय
सराहनीय टीम:
साइबर सेल– जिन्होंने Google Maps और Call Records देखकर केस सुलझाया!
-थाना चांपा टीम – जिन्होंने रातभर जागकर चोरों को पकड़ा… वैसे ही जैसे चोरों ने रातभर जागकर सामान चुराया था!