Damrua

छत्तीसगढ़: बंसल बंधुओं की खदान तक अवैध सड़क पर चला प्रशासन का बुलडोजर, वन विभाग ने खोद डाली पूरी सड़क

11 करोड़ की ठगी के आरोपी खदान मालिकों की अवैध निर्माण पर बड़ी कार्रवाई

जाजगीर-चांपा/रायगढ़

रायगढ़ के ढिमरापुर निवासी मुकेश बंसल और नानक बंसल पर खदान भूमि के नाम पर 11 करोड़ रुपये की ठगी का आरोप पहले ही दर्ज हो चुका है, अब इस प्रकरण में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई सामने आई है।

जिस खदान तक पहुंचने के लिए बंसल बंधुओं ने अवैध रूप से सड़क निर्माण कराया था, उस पर वन विभाग ने न केवल तोड़फोड़ का आदेश जारी किया, बल्कि उस पर तत्काल अमल करते हुए पूरी सड़क को खोद डाला है।

वन भूमि पर अवैध कब्जा कर बनाई गई थी सड़क

छितापड़रिया ग्राम की आरक्षित वन भूमि पर गुरुश्री इंडस्ट्रीज प्रा. लि. द्वारा खदान तक पहुंच मार्ग के नाम पर अवैध रूप से सड़क बना दी गई थी। इसे वैध दिखाने के लिए सार्वजनिक उपयोग का हवाला देते हुए वन विभाग से अनुमति लेने की कोशिश की गई, लेकिन जांच में सच्चाई सामने आते ही विभाग ने 23 मई 2025 को दी गई अनापत्ति को रद्द कर दिया।

वनमंडलाधिकारी के आदेश पर चली कार्रवाई

वनमंडलाधिकारी (DFO) जांजगीर-चांपा द्वारा जारी आदेश के बाद विभाग की टीम मौके पर पहुंची और अवैध सड़क को पूरी तरह से खोद कर नष्ट कर दिया। इससे यह स्पष्ट संकेत गया है कि वन भूमि के अतिक्रमण को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

ठगी के साथ ही भूमि अतिक्रमण का भी मामला

बलौदाबाजार के निवासी नेमेश प्रताप सिंह ने शिकायत में बताया था कि बंसल बंधुओं ने खदान भूमि के नाम पर 17.55 एकड़ की ज़मीन का सौदा किया था, जबकि मौके पर केवल 12.5 एकड़ जमीन ही उपलब्ध थी और रास्ता भी विवादित था। इसके बावजूद उनसे कुल 11 करोड़ रुपये वसूले गए।

अब जब वन विभाग ने सड़क को अवैध घोषित कर उसे खत्म कर दिया है, यह साफ हो गया है कि पूरे सौदे की बुनियाद ही फर्जी थी।

इस मामले ने भू-माफियाओं और कथित उद्योगपतियों के अवैध कृत्यों की परतें खोल दी हैं। वन विभाग की त्वरित कार्रवाई न केवल उदाहरण बन सकती है, बल्कि अन्य विभागों के लिए भी चेतावनी है कि लापरवाही और मिलीभगत की स्थिति में अब कार्रवाई तय है।

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