सारंगढ़

सवाल:क्या खनिज विभाग के अफसर और माफियाओ के बीच हो गई सेटिंग?

सारंगढ।।रायगढ़ जिले से अलग होकर बनाया गया नया जिला सारंगढ़ के जिला मुख्यालय महज 15 किलोमीटर दूर स्थित मांइनिंग क्षेत्र गुडेली और टीमरलगा में इस समय खनिज माफियाओ का साम्राज्य पनप रहा है हालांकि यह कोई नई बात नही है यह सिलसिला पिछले 10,15 वर्षो से चला आ रहा है.ग्राम गुडेली और टीमरलगा में धड़ल्ले से संचालित हो रहे पत्थर खदानों में इन दिनों अवैध खनन अपने सुरूर में है मन मौजी बारूद लगाकर खदानों में ब्लास्टिंग किया जा रहा है लेकिन विभागीय अफसरो के कान में जूं तक नही रेंग रहा.

बीते कुछ वर्षों में गुडेली और टीमरलगा का नाम काफी सुर्खियों में रहा है यहां अवैध खनन से लेकर रॉयल्टी चोरी की चर्चा आम बात हो गई है ।खास कर गुडेली की बात की जाए तो प्रतिवर्ष यहां बिना किसी रोक टोक के खनिज की तस्करी और खनन का अवैध कारोबार फल फूल है.

गुडेली के नागरिकों की माने तो यहां खनिज का दोहन अपने निजी स्वार्थ के लिए माफियाओ के द्वारा किया जाता है गांव के विकास और सुरक्षा की बात यहां कोई नही करता।गांव के लोग कहते है कि सारंगढ़ के सबसे बड़े गौण खनिज क्षेत्र में गुडेली में आज प्रयन्त न तो ग्रामवासियो के हित मे कोई काम किया गया और न ही स्वास्थ शिक्षा के प्रति किसी ने बड़ा कदम उठाया केवल खनिज का दोहन होता रहा.

सवाल :

1.क्या गुडेली में फल फूल रहे कालेपत्थर के व्यापार की जानकारी खनिज विभाग को नही है?

2.क्या खनिज माफियाओ से खनिज विभाग की तगड़ी सेटिंग है?

3.क्या गुडेली में हो रहे अवैध खनन की भनक सारंगढ़ कलेक्टर को नही?

4.क्या गुडेली के खदानों में हो रही ब्लास्टिंग की जानकारी जिला प्रशासन को नही है?

5.क्या अगर खनिज विभाग की सेटिंग माफियाओ से है तो कार्रवाई होना संभव नही?

बहरहाल गुडेली में अवैध खनन का सिलसिला बदस्तूर जारी है ।

 

 

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