गुरु नानक जयंतीरायगढ़

सिक्ख समाज के लोगों द्वारा निकाली गई भव्य शोभायात्रा

समाज के लोगों ने दिखाए तलवारबाजी के करतब

डमरुआ न्युज/ गुरु नानक जयंती सिख धर्म के लोगों के लिए बहुत ही लोकप्रिय पर्व है, जिसे हर साल कार्तिक पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है. गुरु नानक साहब को सिखों का पहला गुरु माना जाता है। इस वर्ष नानक देव जी की 554वीं वर्षगांठ मनाई जाएगी। 
गुरु नानक जयंती को प्रकाश पर्व के रूप में भी मनाया जाता है। इस दिन लोग गुरुद्वारे जाकर मत्था टेकते हैं और गुरु ग्रंथ साहिब का पाठ करते हैं। साथ ही इस खास दिन पर गुरुद्वारे में भजन और कीर्तन का विशेष आयोजन भी किया जाता है। स्वयंसेवकों द्वारा भक्तों को लंगर भी परोसा जाता है। गुरु नानक जी ने अपना पूरा जीवन समाज सुधार के कार्यों में समर्पित कर दिया। इन्होंने जात-पात और ऊंच-नीच के भेदभाव को दूर करने के लिए खास कदम उठाए और लोगों को इंसानियत व ईमानदारी की एकता के सूत्र में बांधने का कार्य किया. इसके लिए इन्होंने कई उपदेश दिए। नानक साहब द्वारा समाज सुधार के लिए ज्ञान का प्रकाश फैलाया गया है। यही कारण है कि इनकी जयंती को प्रकाश पर्व के रूप में भी मनाया जाता है। प्रकाश गुरु पर्व पर रविवार को दीवान सजाया गया। इस अवसर पर जिले के सभी सिक्ख स्वजन अपने परिवार समेत शामिल हुए। रविवार की शाम गुरु नानक साहब की शोभायात्रा गुरुद्वारा से निकलकर सुभाष चौक, रामनिवास टॉकीज चौक, गांधी पुतला चौक, स्टेशन चौक, सत्तीगुड़ी चौक, घड़ी चौक, गद्दी चौक होते हुए वापस गुरुद्वारा पहुंचकर समाप्त हुई। इस दौरान सभी चौक चौराहों पर शोभा यात्रा का स्वागत किया गया और स्वल्पाहार का वितरण किया गया।

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