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Raigarh: चार साल जेल में रहने के बाद न्यायालय से दोष मुक्त हुए दीपक की 9 दिन बाद हत्या

जिन्होंने झूठी रिपोर्ट कर चार साल तक जेल में रखवाया उन्हीं लोगों ने ले ली जान

Damrua/ रायगढ़। बेगुनाह होते हुए भी जिला जेल रायगढ़ में पिछले चार साल से बंद दीपक की रिहाई के 9 दिन बाद ही हत्या कर दी गई। हत्या का आरोप उन पर है जिन्होंने दीपक को झूठे मामले में फंसा कर जेल में 4 साल तक कैद रहने को मजबूर कर दिया था। पुलिस ने इस मामले में दर्जन भर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
इस संबंध में जो जानकारी सामने आ रही है उसके मुताबिक ग्राम सिघनसरा जिला- सक्ती निवासी दीपक पटेल की ग्राम सिघनसरा, खरसिया में दर्जन भर लोगों ने मिल कर हत्या दी है। दीपक को इसी माह 2 मई, 2024 को रायगढ़ न्यायालय श्रीमान् सत्र न्यायाधीश (एफ.टी.सी.) वर्मा मैडम के न्यायालय ने दोष मुक्त करते हुए रिहा कर दिया गया था। दीपक के परिजनों को इस बात का जरा सा भी अंदेशा नहीं था कि दीपक की रिहाई उनके लिए खुशी के पल से ज्यादा दुःख का पहाड़ लेकर आ रहा है, जो बेटा बेगुनाह होते हुए भी उनसे 4 साल दूर जेल की सलाखों के पीछे रहा उसकी रिहाई और दोषमुक्त होने पर उसकी हत्या कर दी जाएगी।
घटना के संबंध में मृतक दीपक के भाई ने बताया कि आरोपीगण जब भी उससे मिलते थे तो यह धमकी देते थे कि दीपक जब भी जेल से बाहर आएगा तब उसकी हत्या वो लोग कर देंगे, लेकिन यह धमकी सच शाबित हो जाएगी यह कभी नहीं सोचा था। हत्या का आरोप संतोष कुमार पिता राममनोहर निवासी भलवाडीही थाना खरसिया एवं इसके अन्य साथियों पर है। खरसिया के मदनपुर पुलिस ने अधिकांश आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

हत्या के आरोपियों ने दीपक पर दर्ज कराया था झूठा मामला, दोष मुक्त हुआ तो कर दी हत्या

हत्या के आरोपियों ने दीपक पटेल पर वर्ष 2018 में नाबालिग से रेप का झूठा मामला दर्ज कराया था, जिसमें यह कहा गया था कि दीपक पीड़िता को नाबालिग होते हुए जम्मू-कश्मीर भगा कर ले गया था, लेकिन झूठी रिपोर्ट का खुलासा न्यायालय के समक्ष हो गया। न्यायालय में दीपक पटेल के अधिवक्ता प्रवीण त्रिपाठी एवं उपासना कुलदीप ने इस तथ्य को साबित कर दिया कि दीपक उक्त घटना दिनांक को न केवल स्वयं भी नाबालिग था बल्कि वह एक साधारण से अन्य प्रकरण में गिरफ्तार हो कर बाल संप्रेक्षण गृह में निरूद्ध था। ऐसे में घटना की रिपोर्ट ही झूठी है और न्यायालय में इस बात की पुष्टि होने पर दीपक को दिनांक 02/05/2024 को दोष मुक्त करते हुए रिहा कर दिया। दीपक की रिहाई उन साजिशकर्ताओं को रास नहीं आई इसलिए मौका पाते ही एक मामूली विवाद में साजिशकर्ताओं ने दीपक पटेल को मौत के घाट उतार दिया। बताया जा रहा है कि इन्हीं बातों को लेकर दीपक को उकसाया गया और जब वह सिघनसरा पहुंचा तो पहले से ही हत्या करने को तैयार आरोपियों ने दीपक पर लाठी और राड से प्रहार कर उसकी हत्या कर दी। बहरहाल हत्या से संबंधित अन्य तथ्यों का खुलासा पुलिस की विवेचना उपरांत हो सकेगा।

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