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गुडेली और टीमरलगा में स्टोन क्रशर खदान बन गई मौत की खाई,खनिज विभाग बेसुध

रायगढ़ डमरुआ न्यूज़।।जिले के स्टोन क्रशर में पत्थर खदानों से किए गए खनन के बाद कई जगह पर मौत की खाई तैयार हो गई है। नियमों को ताक में रखकर जिले की पत्थर खदानों में खनन का सिलसिला बीते कई सालों से हो रहा है।यहां खोदी गई खदानों में नियमों की बेतहासा धज्जियाँ उड़ाई जा रही है ।आलम यह है कि जिन क्रेशर संचालको को खनिज विभाग ने रॉयल्टी के नाम पर टीपी जारी किया है अधिकांश क्रेशर संस्थानों के संचालको ने खोदाई नही किया और बाहर से अवैध पत्थर लेकर रॉयल्टी पर्ची जारी कर दिया ।यह खेल काफी सालो से चल रहा है रॉयल्टी के नाम पर शासन को भारी मात्रा में सरकारी राजश्व का चूना लगाया जा रहा है ।हालांकि कुछ समय पहले रायगढ़ एसपी रहे संतोष कुमार सिंह ने एक मुहिम चलाकर रायल्टी चोरी करने वालो पर ताबड़तोड़ कार्रवाई कराया था लेकिन उसके बाद कुछ समय बीत जाने पर स्थिति अब फिर वैसा का वैसा हो गया है।

बात करे खनिज विभाग की तो खनन माफियाओ से इनका दोस्ताना जग जाहिर है इसकी चर्चा आप गुडेली और टीमरलगा क्षेत्र में जाकर सुन सकते है अपितु शिकायतों के बाद भी खनिज विभाग केवल काकजी खानापूर्ति कर अपनी ड्यूटी कर रहा है जबकि धड़ल्ले से अवैध खनन और पत्थर गिट्टी का परिवहन खुलेआम किया जाता है.नवम्बर और दिसंबर महीने से माफिया पूरी तरह सक्रिय हो जाते है और फिर काले पत्थर के अवैध कारोबार का बिगुल फुक दिया जाता है ।

नियमो की उड़ती रहती है धज्जियाँ

खनन वाले स्थान पर फैंसिंग कराए जाने का नियम है। फैसिंग भी खुदाई वाले स्थान से दो से तीन फिट दूरी से लगाना चाहिए। रात में प्रकाश की व्यवस्था होना जरूरी है। ताकि हादसे को रोका जा सके। इसके अलावा क्रेशर मशीन के चारों तरफ दीवार या टीन से रुका होना चाहिए। इसके अलावा मशीन चालू रहने के दौरान गिट्टी गिरने वाले स्थान के आसपास पानी का छिड़काव करना होता है, ताकि डस्ट न उड़े, लेकिन संचालकों ने ऐसा नहीं किया। क्रेशर में ना फैसिंग है न पर्याप्त प्रकाश की व्यवस्था और ना मशीन के चारों ओर दीवार अथवा टीन का घेरा लगाया गया है।

 

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