
डमरुआ डेस्क/नई दिल्ली- दिल्ली शराब घोटाले में आम आदमी पार्टी (आप) के नेताओं के जेल जाने के बाद अब पार्टी पर आफत दिखती दिख रही है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि वह दिल्ली सरकार की अब समाप्त हो चुकी एक्साइज ड्यूटी पॉलिसी से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच में आप को एक आरोपी के रूप में जोड़ने पर विचार कर रहा है। किसी राजनीतिक दल पर मनी लॉन्ड्रिंग का मामला कैसे दर्ज किया जा सकता है और ईडी मामले में आप पर आरोप लगाने पर विचार क्यों कर रहा है? वह कौन सा कानून है जिसके तहत किसी राजनीतिक दल पर मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया जा सकता है? आइए इन सभी सवालों के जवाब जानते हैं।
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क्या कहता है मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ कानून?
कड़े धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की धारा 70 में कंपनियों के अपराधों से जुड़े प्रावधान हैं। इसमें कहा गया है, ‘इस अधिनियम के किसी भी प्रावधान या इसके तहत बनाए गए किसी नियम, निर्देश या आदेश का उल्लंघन करने वाला व्यक्ति अगर कोई कंपनी है, तो प्रत्येक व्यक्ति जो उल्लंघन के समय इस कंपनी का प्रभारी था और कंपनी के साथ-साथ कंपनी के व्यवसाय के संचालन के लिए कंपनी के प्रति जिम्मेदार था, उसे उल्लंघन का दोषी माना जाएगा और उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और उचित दंड दिया जाएगा।’
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राजनीतिक दल कंपनी तो नहीं, फिर मुकदमा कैसे? समझें पेच
हालांकि एक राजनीतिक दल कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत शामिल ‘कंपनी’ नहीं है, लेकिन प्रावधान में एक महत्वपूर्ण व्याख्या है जो एक राजनीतिक दल को मनी लॉन्ड्रिंग विरोधी कानून के दायरे में ला सकती है। इसमें लिखा है, ‘स्पष्टीकरण 1[1] इस धारा (धारा 70) के प्रयोजनों के लिए (i) कंपनी का अर्थ किसी भी कॉर्पोरेट निकाय से है और इसमें एक फर्म या व्यक्तियों का अन्य संघ शामिल है।’ पेच यहीं है। वो यह कि टर्म ‘व्यक्तियों का संघ’ में एक राजनीतिक दल शामिल हो सकता है। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 29ए के अनुसार कोई पार्टी, भारत के व्यक्तिगत नागरिकों का कोई संघ या निकाय है जो खुद को एक राजनीतिक दल कहता है।
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क्या कभी किसी राजनीतिक दल पर मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया गया है?
यदि पीएमएलए के तहत आप को सीधे तौर पर उत्पाद शुल्क घोटाले में आरोपी के रूप में नामित किया जाता है, तो यह किसी राजनीतिक दल पर मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगने का पहला मामला होगा। हालांकि, राजनीतिक दलों पर आयकर अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है और उनकी जांच की गई है। ट्रस्ट और एनजीओ पहले से ही पीएमएलए के दायरे में हैं। मई में वित्त मंत्रालय ने एक अधिसूचना में एक एक्सप्रेस ट्रस्ट के ट्रस्टियों को भी पीएमएलए के भीतर शामिल किया।
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सिसोदिया पर लगे आरोप आप से कैसे जुड़े हैं?
ईडी का मुख्य आरोप यह है कि आप को एक्साइज ड्यूटी स्कैम में अपराध से प्राप्त आय मिली है। पीएमएलए की धारा 70 की दूसरी व्याख्या में कहा गया है कि ‘कंपनी पर मुकदमा चलाया जा सकता है, भले ही किसी कानूनी न्यायिक व्यक्ति का अभियोजन या दोषसिद्धि किसी भी व्यक्ति के अभियोजन या दोषसिद्धि पर निर्भर हो।’ इसका मतलब यह है कि भले ही सिसोदिया और अन्य लोगों से जुड़े मामले गिर जाएं, फिर भी राजनीतिक दल पर मनी लॉन्ड्रिंग के लिए अलग से मुकदमा चलाया जा सकता है। जहां सिसोदिया को फरवरी में गिरफ्तार किया गया था और आप के मीडिया प्रभारी विजय नायर को पिछले साल सितंबर में गिरफ्तार किया गया था, वहीं पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह को इस महीने की शुरुआत में गिरफ्तार किया गया।