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एचआईवी संक्रमण के बारे में जागरूकता बढ़ाने पैरा लीगल वॉलिटिंयर्स ने निकाली जागरूकता रैली 

डमरुआ न्युज/रायगढ़- छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के निर्देशानुसार हर साल 01 दिसंबर को विश्व एड्स दिवस मनाया जाता है। इसी कड़ी में जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अरविन्द कुमार सिन्हा के मार्गदर्शन में पैरालीगल वालिंटियर्स द्वारा रायगढ़ जिले के सुदुर ग्रामीण क्षेत्रों में एचआईवी संक्रमण के बारे में जागरूकता बढ़ाने, एड्स के बारे में शिक्षित करने और इस बीमारी के प्रसार को रोकने के लिए प्रयास करने हेतु शिविरों का आयोजन किया गया तथा जागरूकता रैली निकाली गई।

जागरूकता रैली और शिविरों के माध्यम से लोगों को एचआईवी से जुड़े कई मिथक की भी जानकारी दी गई, जैसे यह एक आम मिथक है कि एचआईवी केवल यौन संचारित होता है, एचआईवी संक्रमित खून, सीरम या अन्य शरीर के तरल पदार्थों के संपर्क मे आने से भी फैल सकता है, यह एक और आम मिथक है कि एचआईवी संक्रमित व्यक्ति को पहचानना आसान है, जबकि एचआईवी संक्रमित व्यक्ति दिखने में सामान्य हो सकता है।

एचआईवी संक्रमण के कोई स्पष्ट लक्षण नही है और एचआईवी संक्रमण के शुरूआती चरण में कोई लक्षण दिखाई नहीं दे सकते हैं तथा सबसे महत्वपूर्ण कि एचआईवी संक्रमित व्यक्ति लंबे समय तक नहीं जी सकते, जबकि एचआईवी संक्रमण के बाद भी लोग लंबे और स्वस्थ्य जीवन जी सकते हैं, एंटीवायरल दवाओं के साथ एचआईवी संक्रमित लोगों का जीवनकाल सामान्य लोगों के समान ही होता है।

जिला न्यायाधीश अरविन्द कुमार सिन्हा ने अपने उद्धोधन में कहा कि जिस तरह से संविधान की उदेशिका में एक-एक शब्द समानता को दर्शाता है। उसी प्रकार युवाओं को संविधान में दिए गए मौलिक अधिकारों एवं कर्तव्यों को अपने जीवन में अपनाना एवं उसकी पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सिर्फ  संविधान के प्रावधानों से परिचित होना ही पर्याप्त नहीं है अपितु हमें उसे व्यवहार में शामिल करने की भी आवश्यकता है।

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