Uncategorizedक्राइम

चाकू की नोक पर अनाचार करने वाले कथित प्रेमी हरदीप शेरगिल की ज़मानत ख़ारिज

अतिरिक्त सत्र न्यायधीश जगदीश राम की कोर्ट का अहम् फ़ैसला

डमरुआ न्यूज़ /रायगढ़. चाकू की नोक पर प्रेमिका से बलात्कार करने वाले आरोपी हरदीप शेरगिल की जमानत अर्जी आज रायगढ़ के अपर सत्र न्यायाधीश जगदीश राम के न्यायालय ने  खारिश कर दी. इस मामले में शासन की ओर से अपर लोक अभियोजक हरिलाल पटेल एवं पीड़िता की ओर से एडवोकेट उपासना कुलदीप ने मोर्चा संभाला था.

न्यायालय ने जारी अपने आदेश में इस बात का उल्लेख किया है कि आरोपी एवं पीड़िता दोनों पक्षों की ओर से न्यायालय के समक्ष अपने-अपने तर्क रखे गए थे, पीड़िता की ओर से न्यायालय के समक्ष तर्क दिया गया कि वह तलाकशुदा महिला है आरोपी चूंकि उसका रिश्तेदार है इसलिए पीड़िता के साथ उसके कुछ फोटोग्राफ थे और इन्हीं फोटोग्राफ्स की आड़ लेकर वह पीड़िता की कहीं भी दूसरे जगह शादी नहीं होने देता था, आरोपी ने पीड़िता और उसके परिवार वालों को जान से खत्म करने की धमकी भी दी थी और कहता था कि यदि पीड़िता की शादी कहीं दूसरे जगह हुई तो वह उस शादी को किसी भी स्तर पर जाकर तुड़वा देगा, रोज-रोज के वाद विवाद और धमकियों से तंग आकर पीड़िता आरोपी के साथ घर से निकल गई इस बात का फायदा उठाते हुए एवं अब पीड़िता के आगे पीछे कोई सहारा ना देखकर आरोपी शेरगिल ने पीड़िता से जबरन शपथ पत्र भी बनवाया तब वह और भी निश्चिंत हो गया कि अब कानून उसका कुछ भी नहीं बिगाड़ सकता है. इसके बाद उसने अपना असली रूप दिखाया और चाकू की नोक पर जान से मारने की धमकीदेते एवं पीड़िता को मारते-पीटते हुए  उससे  बलात्कार करने लगा, उसे घर में बंधक जैसा बना लिया और कहीं भी निकलने नहीं देता था उसने यह भी धमकी दी थी यदि किसी से कुछ कहा तो वह उसकी और उसके परिवार वालों की जान ले लेगा. पीड़िता पिछले कुछ महीनो से काफी डरी सहमी थी. हाल ही में पीड़िता किसी तरह आरोपी के चंगुल से छूटकर  थाने आ गई और पुलिस थाना चक्रधर नगर में अपनी रिपोर्ट दर्ज कराई. आरोपी के शातिर होने के कारण उसके फरार होने की संभावना को देखते हुए चक्रधर नगर पुलिस ने  फिल्मी अंदाज में  आरोपी की घेराबंदी की  पुलिस ने पीड़िता के माध्यम से आरोपी को पार्क में मिलने के लिए बुलाया तब आरोपी आग बबूला हो गया और पीड़िता उसके चंगुल से निकलकर पार्क कैसे आ गई इस बात को देखने के लिए और उसकी पिटाई करने के लिए वह जैसे ही पार्क में पहुंचा तो चक्रधर नगर पुलिस की टीम ने उसे घर दबोचा.

आरोपी की ओर से  न्यायालय को यह बताया गया कि पीड़िता झूठ बोल रही है और आरोपी पीड़िता से शादी करना चाहता है, आरोपी पूरी तरह से निर्दोष है इसलिए उसे जमानत का लाभ दिया जाए लेकिन जमानत आवेदन की सुनवाई कर रहे अपर सत्र न्यायाधीश जगदीश राम के न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद एवं आरोपी के अपराध की गंभीरता को देखते हुए जमानत अर्जी ख़ारिज कर दी.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!
×

Powered by WhatsApp Chat

×