सारंगढ़-बिलाईगढ़।
जिले में अवैध खनन को लेकर कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी डॉ. संजय कन्नौजे की नाराज़गी अब महज़ चेतावनी नहीं, बल्कि डमरुआ न्यूज़ द्वारा लगातार उठाए जा रहे सवालों पर प्रशासनिक मुहर के रूप में देखी जा रही है। जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में कलेक्टर द्वारा दिए गए कड़े निर्देश यह संकेत देते हैं कि अवैध खनन को लेकर ज़मीनी हालात गंभीर हैं।
कलेक्टर ने रेत, गिट्टी और पत्थर के अवैध खनन, परिवहन और भंडारण पर सख़्त रुख अपनाते हुए साफ कहा कि हाइवा, पोकलेन जैसी भारी मशीनों से यदि कहीं भी अवैध उत्खनन होता पाया गया, तो तत्काल कठोर कार्रवाई की जाए। विशेष रूप से रात्रिकालीन अवैध खनन पर खनिज विभाग को कड़ी निगरानी के निर्देश दिए गए।
गुडेली–कटंगपाली: निर्देशों के बाद भी हालात जस के तस
कलेक्टर की इस सख़्ती के बावजूद गुडेली और कटंगपाली क्षेत्र में अवैध खनन की गतिविधियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं। स्थानीय स्तर पर लगातार मिल रही जानकारियां और भारी वाहनों की आवाजाही यह सवाल खड़ा कर रही है कि निर्देशों का पालन ज़मीन पर कितना हो रहा है।
खनिज विभाग की परीक्षा
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि खनिज विभाग के जिम्मेदार अधिकारी बजरंग पैकरा कलेक्टर की इस सख़्ती को किस तरह संज्ञान में लेते हैं। क्या गुडेली और कटंगपाली में ठोस कार्रवाई दिखाई देगी, या फिर अवैध खनन पर सख़्ती केवल समीक्षा बैठकों तक सीमित रह जाएगी?
डमरुआ की सतत निगरानी
डमरुआ न्यूज़ लगातार इन क्षेत्रों में अवैध खनन से जुड़ी गतिविधियों को उजागर करता रहा है। कलेक्टर के ताज़ा निर्देश यह स्पष्ट करते हैं कि जो मुद्दे डमरुआ उठा रहा था, वही अब प्रशासन की प्राथमिकता में शामिल हो चुके हैं।
अब निगाहें खनिज विभाग की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। आने वाले दिनों में यह साफ हो जाएगा कि डमरुआ की खबरों पर लगी यह मुहर ज़मीनी बदलाव में बदलती है या नहीं।