डमरुआ डेस्क ।। सारंगढ़–बिलाईगढ़ ग्राम गुडेली क्षेत्र में संचालित खनिज खदानों को लेकर अब मामला आरोपों से निकलकर रिकॉर्ड की चौखट तक पहुंच चुका है।
सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत खनिज विभाग से एक के बाद एक महत्वपूर्ण दस्तावेज़ों की प्रमाणित प्रतियां मांगे जाने के बाद विभागीय गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
RTI के माध्यम से गुडेली क्षेत्र में संचालित समस्त लाइमस्टोन, डोलोमाइट एवं अन्य खनिज खदानों से जुड़े माइनिंग लीज, स्वीकृत माइनिंग प्लान, वास्तविक उत्पादन, ई-ट्रांजिट पास, रॉयल्टी भुगतान और निरीक्षण रिपोर्ट से संबंधित रिकॉर्ड मांगे गए हैं।
अब सवाल नहीं, सीधा हिसाब मांगा गया
RTI में स्पष्ट रूप से वर्ष 2025–26 (01 जनवरी 2025 से आवेदन तिथि तक) की अवधि में—
* वास्तविक खनिज उत्पादन का विवरण
* उसी अवधि में जारी ट्रांसपोर्ट पास
* शासन को जमा रॉयल्टी राशि
* खदानों की स्वीकृत सीमा (Boundary Map)
* निरीक्षणों की रिपोर्ट और निरीक्षण अधिकारी
* ओवरबर्डन/वेस्ट मैटेरियल का रिकॉर्ड
* अवैधता पाए जाने पर की गई कार्रवाई, नोटिस व जुर्माने जैसी जानकारियां मांगी गई हैं।
खनन से जुड़े जानकारों का कहना है कि:-
> “यदि उत्पादन, ट्रांसपोर्ट और रॉयल्टी के आंकड़े आपस में मेल नहीं खाते, तो यह गंभीर अनियमितता का संकेत माना जाता है।
निरीक्षण जमीन पर या सिर्फ फाइलों में?
RTI में मांगी गई निरीक्षण रिपोर्ट अब निर्णायक भूमिका निभाएंगी।
यदि निरीक्षण रिपोर्ट में सब कुछ नियमों के अनुरूप दर्शाया गया और जमीनी स्थिति उससे अलग पाई गई,तो जिम्मेदारी तय होना तय माना जा रहा है।
कलेक्टर कार्यालय तक पहुंचा मामला
खनिज विभाग से मांगी गई इन सूचनाओं की जानकारी जिला प्रशासन स्तर तक भी पहुंच चुकी है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार,
RTI के जवाबों के आधार पर आगे की स्थिति का आकलन किया जाएगा।
अब यह देखना अहम होगा कि—
* विभाग समयसीमा में पूर्ण जानकारी देता है या नहीं
* और यदि रिकॉर्ड में विसंगतियां सामने आती हैं, तो कार्रवाई का रुख क्या रहता है।
अब दस्तावेज़ बोलेंगे
स्थानीय लोगों का कहना है कि
> “जब तक बात कागज़ों तक नहीं पहुंचती, तब तक सच्चाई दबाई जा सकती है।
> लेकिन रिकॉर्ड सामने आने के बाद चुप्पी संभव नहीं रहती।
RTI के जवाब आने के साथ ही गुडेली क्षेत्र में खनन गतिविधियों की वास्तविक तस्वीर सामने आने की उम्मीद जताई जा रही है।
बहरहाल यह समाचार सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई आधिकारिक जानकारी पर आधारित है।RTI से प्राप्त उत्तरों के आधार पर आगे की रिपोर्टिंग की जाएगी।
To Be Continue……