LLB प्रवेश में हो रही अनियमितताओं पर GGP का हस्तक्षेप –
विश्वविद्यालय और विभाग को 3 दिन में निर्णय देने की मांग ।
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (GGP) के संभागीय अध्यक्ष फरीद कुरैशी ने LLB प्रवेश (सत्र 2025–26) से जुड़ी एक गंभीर अनियमितता का मुद्दा उठाते हुए पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय (PRSU), संबंधित विधि महाविद्यालय और उच्च शिक्षा विभाग से त्वरित हस्तक्षेप की मांग की है।
श्री कुरैशी ने बताया कि रायपुर निवासी फारूक मोहम्मद कुरैशी को पूर्णतः वैध दस्तावेज होने के बावजूद प्रवेश से वंचित किया जा रहा है।
यह देरी संस्थागत प्रक्रियात्मक लापरवाही, Territorial Jurisdiction की गलत व्याख्या, तथा कॉलेज के लिखित NOC न देने जैसी गंभीर कमियों के कारण हो रही है।
GGP द्वारा उठाए गए मुख्य बिंदु —
1️⃣ MANUU केंद्रीय विश्वविद्यालय है — Territorial Restriction लागू नहीं होती
UGC RTI और नियमानुसार MANUU की डिग्री 100% वैध है, फिर भी गलत आधार पर Eligibility रोकी गई।
2️⃣ Seat Reserve Application समय पर जमा किया गया था
छात्र की ओर से कोई देरी नहीं — संपूर्ण विलंब संस्थागत है।
3️⃣ Correction Application और NOC जमा होने के बाद भी कार्रवाई नहीं
Eligibility Pending रखना अनुचित और नियम-विरुद्ध है।
4️⃣ कॉलेज की मौखिक सहमति, पर लिखित NOC देने से इनकार
यह व्यवहार गैर-पारदर्शी और विद्यार्थियों के अधिकारों के विपरीत है
संभागीय अध्यक्ष फरीद कुरैशी ने कहा—
“हम PRSU, कॉलेज और उच्च शिक्षा विभाग से मांग करते हैं कि 3 दिनों के भीतर आवेदक का Final Eligibility निर्णय जारी करें तथा Late Admission प्रक्रिया प्रारंभ करें।”
“यदि आवश्यक हुआ तो GGP इस विषय को उच्च स्तर पर उठाएगी।”
“विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
यदि 3 दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो—
उच्च शिक्षा सचिव से औपचारिक शिकायत,
मीडिया में विस्तृत खुलासा,
छात्र संगठनों के साथ संयुक्त विरोध,
विश्वविद्यालय प्रशासन से प्रत्यक्ष वार्ता
जैसी कार्रवाई की जाएगी
GGP छात्रों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध
श्री कुरैशी ने कहा कि यह केवल एक छात्र का मामला नहीं, बल्कि संस्थाओं की जवाबदेही का विषय है।
GGP हर ऐसे विद्यार्थी के साथ खड़ी है जिसे प्रक्रियागत भ्रम या प्रशासनिक उपेक्षा के कारण नुकसान पहुँच रहा है