सारंगढ़-बिलाईगढ़।दिनांक 13 सितंबर 2025 को ग्राम परसापाली विकासखंड बिलाईगढ़ जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ में वन अधिकार समिति परसापाली एवं आश्रित ग्राम भोगाडीह के 50 आदिवासी हितग्राहियों को वन अधिकार पट्टा प्रदाय किया गया। इनमें अधिकांश अनुसूचित जनजाति के लोग शामिल हैं, जो दादा-परदादा के समय से इन खेतों पर कृषि करते आ रहे हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि वन अधिकार पट्टा में दर्ज खसरा नंबर (2/1/5/2) एवं कम्पार्टमेंट नंबर गलत लिखा गया है, जिसके कारण उन्हें धान बेचने के लिए पंजीयन कराने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। जबकि गांव में वन अधिकार समिति गठित है और सभी हितग्राहियों को वन अधिकार पुस्तिका सहित भाग-1 एवं भाग-2 प्रदान किया जा चुका है।
हितग्राहियों ने स्पष्ट किया कि उनकी आजीविका का मुख्य साधन खेती-किसानी है और वे इन्हीं खेतों पर निर्भर हैं। वन अधिकार पट्टा वर्ष 2008 एवं 2013 में भी जारी किया गया था। यह क्षेत्र रायपुर एवं बलौदाबाजार जिले से घिरा हुआ है, जहां मौके का अवलोकन कर पट्टा वितरण किया गया।
किसानों की मांग है कि उनके वन अधिकार पट्टा में दर्ज त्रुटियों को सुधारकर उन्हें धान बेचने हेतु पंजीयन की सुविधा प्रदान की जाए, ताकि वे शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ ले सकें।
इस संबंध में आदिवासी विकास विभाग सारंगढ़ के सहायक आयुक्त श्री सुखदेवे ने बताया कि विभाग हितग्राहियों की समस्या का समाधान करने के लिए संवेदनशील है और आवश्यक सुधार की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ की जाएगी।उन्होंने कहा कि शासन की नीतियों के अनुरूप आदिवासी किसानों को योजनाओं का लाभ दिलाना प्राथमिकता है।