Damrua /रायगढ़। शहर में सामने आए ट्रिपल तलाक के गंभीर मामले में अब एक चिंताजनक पहलू उजागर हो रहा है — रायगढ़ जिले का महिला थाना और यहां के पुलिस अधिकारी ट्रिपल तलाक कानून (The Muslim Women (Protection of Rights on Marriage) Act, 2019) के प्रति पूर्णतः अनभिज्ञ हैं।
पीड़िता द्वारा महिला थाना रायगढ़ में शिकायत दर्ज कराने के बावजूद, कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। न तो एफआईआर दर्ज की गई और न ही आरोपी के विरुद्ध गिरफ्तारी की गई।
थाना स्टाफ ही नहीं, वरिष्ठ अधिकारी भी अनजान
जांच पड़ताल में यह सामने आया है कि केवल थाना स्तर ही नहीं, बल्कि रायगढ़ जिले के कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी इस कानून की प्रक्रियाओं और धाराओं से अनजान हैं। इसका सीधा असर यह है कि मुस्लिम महिलाओं को मिलने वाला कानूनी संरक्षण रायगढ़ जिले में पूरी तरह विफल हो गया है।
न्याय के लिए संघर्षरत पीड़िता:
ट्रिपल तलाक की शिकार महिला लगातार विभिन्न कार्यालयों के चक्कर काट रही है लेकिन कहीं से कोई राहत नहीं मिल रही। पीड़िता का आरोप है कि “महिला थाना केवल नाम का है, यहां संवेदनशील मामलों को लेकर न तो संवेदनशीलता है और न ही कानून की समझ।”
क्या कहता है कानून?
2019 में लागू ट्रिपल तलाक कानून के तहत:
- ट्रिपल तलाक देना गैरजमानती अपराध है
- आरोपी को तुरंत गिरफ्तार किया जा सकता है
- पीड़िता को भरण-पोषण और बच्चों की कस्टडी की मांग का अधिकार है
जनता और जागरूक नागरिकों की मांग:
- रायगढ़ पुलिस को विशेष विधिक प्रशिक्षण दिया जाए
- प्रत्येक थाने में कानून की जानकारी वाली गाइडलाइन प्रदर्शित की जाए
- पीड़ित मुस्लिम महिलाओं को त्वरित न्याय और सुरक्षा दी जाए