घरघोड़ा में खुलेआम रेत तस्करी
डमरुआ न्यूज़ /रायगढ़/घरघोड़ा। क्षेत्र में रेत तस्करी का खेल अब किसी से छिपा नहीं है। बहिरकेला, बरोनाकुंडा, फगुराम और कंचनपुर जैसे इलाकों में हर सुबह ट्रैक्टर-ट्रॉली से अवैध रूप से रेत का खनन किया जा रहा है। इसका खुला सबूत हमारे पास मौजूद Google GPS लोकेशन सहित ताज़ा तस्वीरों के रूप में है, जिसे कल से सोशल मीडिया में वायरल किया जा रहा है — लेकिन इसके बावजूद पुलिस प्रशासन और खनिज विभाग की आंखें मूंदे हैं।
हमारी टीम ने 6 एवं 7 जून 2025 की सुबह इन स्थानों पर जाकर जीपीएस लोकेशन, समय और स्थान के साथ फोटोग्राफ लिए, जिसमें स्पष्ट देखा जा सकता है कि कैसे ट्रैक्टर-ट्रॉली नदी की रेत से लदी हुई निकल रही हैं। इन वाहनों की संख्या और बारंबारता देखकर यह कहना गलत नहीं होगा कि यह काम योजनाबद्ध और संगठित तरीके से चल रहा है।
सवाल यह है कि यह सब किसके इशारे पर हो रहा है?
स्थानीय लोग साफ कहते हैं — “यह कोई चोरी-छिपी नहीं हो रही। यह पूरी सिस्टम की मिलीभगत से हो रहा है।” पुलिस, खनिज विभाग और तथाकथित सफेदपोश जिनका काम कानून का पालन कराना है, वे खुद इस अवैध खेल के हिस्सेदार बन चुके हैं।
हम इस रिपोर्ट को फॉलो-अप खबर के रूप में पेश कर रहे हैं, क्योंकि हमने कल से इस पूरे घटनाक्रम की गूगल मैपिंग सहित ग्राउंड रिपोर्टिंग की है, ताकि सिस्टम की आंखें खुलें। लेकिन हालात यह हैं कि इन तस्वीरों और तथ्यों के सामने आने के बाद भी किसी जिम्मेदार विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हुई। मतलब साफ है — सब कुछ मिला-जुला खेल है।
प्रशासन मौन, माफिया मुखर
आज की इन ताज़ा तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है:
- बहिरकेला में नदी से सीधे ट्रैक्टर रेत निकालते हुए (07:33 AM)
- कंचनपुर में नदी के किनारे रेत लोड करते कई ट्रैक्टरों की लाइन (07:14 AM – 07:18 AM)
- बरोनाकुंडा में रेत से भरे ट्रैक्टरों की कतारें (07:28 AM – 07:34 AM)
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अब कल की इन तस्वीरों में साफ देखिये:-
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🌊 घोषणाओं में हरियाली, हकीकत में लूट! 🌿
📍 कंचनपुर और फगुरम, रायगढ़ — छत्तीसगढ़
📸 6 जून 2025 | सुबह की ताजा तस्वीरें
रेत तस्करी अब चोरी-छिपे नहीं, खुलेआम डंके की चोट पर!
नदी के बीच ट्रैक्टर, ट्रॉली और डंपर बेधड़क भर रहे हैं रेत,
📌 NGT नियमों की खुली उड़ाई जा रही धज्जियां!
🚨 क्या पुलिस-प्रशासन की मिलीभगत नहीं?
🛑 पर्यावरण दिवस के अगले ही दिन ये दृश्य क्या दर्शाता है?
👉 प्रशासन मौन क्यों?
👉 खनिज विभाग आंखें क्यों मूंदे है?
👉 क्या यह सब ‘संरक्षण’ में हो रहा है?
📢 जनता सवाल पूछ रही है —
“रेत माफिया को छूट किसकी?”
📍 स्थान:
📌 फगुरम घाट — 7:02 AM
📌 कंचनपुर घाट — 6:54 AM
📷 तस्वीरें खुद गवाही दे रही हैं!
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यह पूरी श्रृंखला दर्शाती है कि कैसे एक व्यवस्थित नेटवर्क सुबह-सुबह अवैध खनन कर रहा है और कोई रोकने वाला नहीं है।
अब सवाल यह है कि –
- क्या खनिज विभाग और थाना घरघोड़ा इस खेल से अनजान है?
- क्या इन ट्रैक्टरों की जीपीएस लोकेशन ट्रेस नहीं की जा सकती?
- आखिर प्रशासन और कानून का पालन कराने वाले विभाग क्या कर रहे हैं?
हम इस मुद्दे को आगे भी फॉलो करेंगे और जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब मांगते रहेंगे। यदि प्रशासन अब भी नहीं जागा, तो यह साफ संदेश है कि माफिया और सिस्टम की साझेदारी अब पूरी तरह से उजागर हो चुकी है।