रायपुर। छत्तीसगढ़ के CGPSC परीक्षा भर्ती घोटाले के सिलसिले में सीबीआई के वकील ने गुरुवार को स्पेशल कोर्ट में एक लंबा चालान पेश किया। इसमें शामिल हैं पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी, उनके भतीजे और बेटे साहिल, डिप्टी एग्जाम कंट्रोलर ललित गनवीर, नितेश, और बजरंग इस्पात के पूर्व डायरेक्टर श्रवण कुमार गोयल, उनकी बहू भूमिका और बेटे शशांक। चालान 465 पन्नों का है, और साथ में 15 पन्नों की संक्षिप्त रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गई है।
पर्चा लीक करने का आरोप:
सीबीआई ने दो महीने पहले एक कारोबारी और पूर्व पीएससी चेयरमैन को गिरफ्तार किया था। हाल ही में, चेयरमैन के भतीजे और बेटे के अलावा डिप्टी एग्जाम कंट्रोलर और कारोबारी के बेटे-बहू को भी गिरफ्तार किया गया है। सीबीआई ने कोर्ट में बताया कि ये लोग मिलकर परीक्षा में अनियमितताएं कर रहे थे और पैसे का लेन-देन करके पर्चा लीक किया। वकील ने यह भी बताया कि पूर्व परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक की जांच चल रही है, इसलिए अभी उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई। लेकिन अगर सबूत मिले, तो उनकी गिरफ्तारी भी संभव है।
कोर्ट में देंगे तर्क:
सीबीआई के वकील ने कोर्ट में 40 गवाहों की सूची सौंपी है। चार्जशीट में आरोप लगाया गया है कि पीएससी के तत्कालीन अधिकारियों ने अपने पद का गलत इस्तेमाल करते हुए अपने करीबी लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए पेपर लीक किया। इस मामले पर 30 जनवरी को कोर्ट में अभियोजन और बचाव पक्ष अपनी बात रखेंगे।




























