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मुंगेली जिले में फर्जी बीएड प्रमाणपत्र से नौकरी करने वाले शिक्षक को निलंबित किया गया – जानें पूरी कहानी

फर्जी बीएड

Mungeli News।।मुंगेली जिले के लोरमी विकासखंड स्थित शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल, बैगाकापा में कार्यरत व्याख्याता जसवंत सिंह राजपूत को फर्जी बीएड प्रमाणपत्र के आधार पर नौकरी करने के कारण निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा की गई है, जो संयुक्त संचालक की जांच रिपोर्ट पर आधारित है।

 

फर्जी बीएड प्रमाणपत्र से नौकरी हासिल करना:

 

जानकारी के अनुसार, जसवंत सिंह राजपूत ने 1992 में शासकीय हाईस्कूल, बैगाकापा में उच्च वर्ग शिक्षक के रूप में नियुक्ति प्राप्त की थी। इसके बाद, उन्होंने 2004 में गुरु घासीदास विश्वविद्यालय, बिलासपुर से बीएड परीक्षा उत्तीर्ण करने का दावा किया और विभाग में यह अंकसूची प्रस्तुत की।

 

जांच में हुआ खुलासा:

 

जांच में यह पाया गया कि राजपूत ने फर्जी बीएड प्रमाणपत्र का सहारा लेकर पदोन्नति हासिल की थी। गुरु घासीदास विश्वविद्यालय से अंकसूची का सत्यापन करवाने पर विश्वविद्यालय के उपकुलसचिव ने बताया कि यह अंकसूची विश्वविद्यालय द्वारा जारी नहीं की गई थी।

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निलंबन की कार्रवाई:

 

फर्जी प्रमाणपत्र के सहारे नौकरी हासिल करने और पदोन्नति प्राप्त करने के मामले में यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के तहत दंडनीय है। इसके बाद, लोक शिक्षण संचालनालय ने राजपूत को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ सिविल सेवा वर्गीकरण, नियंत्रण और अपील नियम 1966 के नियम 9 (1)(क) के तहत की गई है।

 

यह कार्रवाई एक स्पष्ट संदेश देती है कि सरकारी कर्मचारियों द्वारा धोखाधड़ी या नियमों का उल्लंघन स्वीकार नहीं किया जाएगा, और ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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