सारंगढ़-बिलाईगढ़, 18 मई 2026। जिले के ग्राम पंचायत हरदी में आयोजित सुशासन तिहार शिविर सोमवार को जनकल्याण, महिला सशक्तिकरण और प्रशासनिक सक्रियता का केंद्र बन गया। शिविर में कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू के नेतृत्व में जिला प्रशासन ने न केवल योजनाओं का लाभ हितग्राहियों तक पहुँचाया, बल्कि एक अलग संदेश भी दिया।

प्रधानमंत्री के ईंधन बचत आह्वान को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू सहित जिले के अधिकारी सामूहिक रूप से बस से हरदी पहुँचे। प्रशासन की यह पहल केवल यात्रा नहीं, बल्कि संसाधनों के बेहतर उपयोग और जिम्मेदार प्रशासन का उदाहरण बनकर सामने आई।
हरदी के हाईस्कूल प्रांगण में आयोजित सुशासन शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। शिविर की अध्यक्षता करते हुए कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने योजनाओं की पहुँच और पात्र हितग्राहियों तक लाभ सुनिश्चित करने पर जोर दिया। कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य लता लक्ष्मे और विनोद भारद्वाज सहित जिला स्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम की सबसे बड़ी उपलब्धियों में महिला स्वसहायता समूहों को आर्थिक मजबूती देने की पहल रही। कुल 30 लाख रुपये का प्रतीकात्मक चेक वितरित किया गया, जिसके तहत 6 महिला स्वसहायता समूहों को 6-6 लाख रुपये की सहायता प्रदान की गई। इसमें उज्ज्वला रेड़ा, गुरुवारी हरदी, खुशी चुरेला, मां शारदा अमेठी और स्वागत चुरेला समूह शामिल रहे।
शिविर में हितग्राहियों को राशन कार्ड, पीएम उज्ज्वला योजना कनेक्शन, कृषि आदान सामग्री और पीएम आवास ग्रामीण पूर्णता प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए। इसके साथ ही गर्भवती माताओं की गोदभराई रस्म और शिशुओं का अन्नप्राशन कार्यक्रम आयोजित कर सामाजिक सहभागिता को भी बढ़ावा दिया गया।
जनसमस्या निवारण शिविर में शामिल विभिन्न पंचायतों के ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं और मांगों से जुड़े आवेदन दर्ज कराए। वहीं स्वास्थ्य, आयुष और पशुधन विभाग की टीमों ने मौके पर उपचार और परामर्श की व्यवस्था संभाली।
कार्यक्रम के दौरान कृषि, महिला एवं बाल विकास, पशुधन, स्वास्थ्य, समाज कल्याण, विद्युत, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, उद्यानिकी, रेशम पालन और श्रम विभाग सहित कई विभागों ने अपनी योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों तक पहुँचाई। इसी मंच पर लखपति दीदियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि कैसे बिहान समूह से जुड़कर उन्होंने आर्थिक आत्मनिर्भरता की राह बनाई।
हरदी का यह सुशासन शिविर सिर्फ योजनाओं के वितरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि प्रशासन और जनता के बीच भरोसे, सहभागिता और विकास के संदेश का मंच बन गया।






