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नई नियुक्तियां, नई उम्मीदें: खनिज विभाग को मिली ताकत, अब नजर सारंगढ़ पर

रायपुर। छत्तीसगढ़ के खनिज प्रशासन को मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने लोक सेवा आयोग से चयनित खनि निरीक्षकों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया कि खनिज संपदा के संरक्षण और राजस्व वृद्धि के लिए ईमानदार और सक्रिय मैदानी अमला सरकार की प्राथमिकता है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि खनिज संसाधनों से समृद्ध छत्तीसगढ़ में खनि निरीक्षकों की भूमिका केवल निरीक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें प्रशासन और सरकार के बीच मजबूत कड़ी बनकर काम करना होगा। नई नियुक्तियों से खनिज विभाग के मैदानी ढांचे को बल मिलेगा और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण की उम्मीद जगी है।


राज्य में लौह अयस्क, कोयला, बॉक्साइट, लाइमस्टोन, हीरा, सोना और लिथियम जैसे खनिजों की मौजूदगी को देखते हुए सरकार खनिज राजस्व बढ़ाने पर विशेष फोकस कर रही है। ऐसे में नवनियुक्त खनि निरीक्षकों से अपेक्षा है कि वे नियमों का पालन कराते हुए खनिज दोहन को सुव्यवस्थित बनाएंगे।


इधर, इन नियुक्तियों के साथ ही सारंगढ़–बिलाईगढ़ जिला चर्चा के केंद्र में आ गया है। गुडेली और कटंगपाली जैसे क्षेत्रों को लेकर पहले से उठते रहे सवालों के बीच अब लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या नई टीम मैदान में उतरते ही व्यवस्था को कस पाएगी। स्थानीय चर्चा यह भी है कि अब तक जहां जिम्मेदार अधिकारी केवल स्थिति देखते रहे, वहां बदलाव की असली परीक्षा अब शुरू होगी।


चर्चाओं में हल्का-सा तंज भी सुनने को मिल रहा है कि क्या नए खनि निरीक्षक नियमों को जमीन पर उतार पाएंगे, या फिर खनिज गतिविधियां हमेशा की तरह रास्ता ढूंढ ही लेंगी। आने वाला वक्त ही बताएगा कि यह नियुक्तियां महज औपचारिकता साबित होंगी या फिर सारंगढ़ की खदानों और क्रेशर क्षेत्रों में उनका असर साफ दिखाई देगा।


फिलहाल, नियुक्ति पत्र हाथ में लेकर मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे खनि निरीक्षकों से सरकार के साथ-साथ जनता को भी नई उम्मीदें हैं।

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