सारंगढ़ डमरुआ ।।गुडेली क्षेत्र में लंबे समय से सामने आ रहे अवैध खनन के मामलों पर अब छत्तीसगढ़ खनिज विभाग के उच्च स्तर पर गंभीर और जिम्मेदार पहल होती दिखाई दे रही है।
डमरुआ से हुई बातचीत में खनिज विभाग के एडिशनल डायरेक्टर श्री कंवर जी ने पूरे विषय को संज्ञान में लेते हुए यह स्पष्ट किया कि वे जिला खनिज अधिकारी श्री बजरंग सिंह पैकरा से चर्चा कर पूरे मामले की सूक्ष्म और तथ्यात्मक जांच कराएंगे, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित हो।
प्रशासनिक गलियारों में श्री कंवर जी की यह पहल इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि अब तक जिला स्तर पर लगातार दिए गए आश्वासनों के बावजूद गुडेली क्षेत्र में स्थिति में कोई ठोस बदलाव नजर नहीं आया। ऐसे में यह स्वाभाविक प्रश्न उठ रहा है कि जांच और निगरानी के स्तर पर आखिर चूक कहां हुई।
आश्वासन बनाम हकीकत की समीक्षा जरूरी
जानकारों के अनुसार, अब जांच का दायरा केवल शिकायत तक सीमित नहीं रह सकता।
बल्कि यह भी देखना जरूरी होगा कि
पूर्व में दिए गए आश्वासनों का पालन क्यों नहीं हुआ
मैदानी स्तर पर कार्रवाई प्रभावी क्यों नहीं रही
और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका क्या रही
यही वह बिंदु है, जहां जिला खनिज अधिकारी बजरंग सिंह पैकरा की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। यदि शिकायतें लगातार सामने आती रहीं और परिणाम शून्य रहा, तो इसकी जवाबदेही तय होना विभागीय पारदर्शिता के लिए आवश्यक है।
अब निगाहें AD कंवर की अगली कार्रवाई पर
एडिशनल डायरेक्टर स्तर से सीधे संज्ञान लिए जाने के बाद विभाग के भीतर भी यह संदेश गया है कि मामले को हल्के में नहीं लिया जा रहा।
अब यह अपेक्षा की जा रही है कि जांच केवल कागज़ी प्रक्रिया बनकर न रह जाए, बल्कि उसका असर ज़मीन पर भी दिखाई दे।
डमरुआ इस पूरे घटनाक्रम पर लगातार नज़र रखे हुए है। क्योंकि अब यह मामला सिर्फ गुडेली का नहीं, बल्कि खनिज विभाग की कार्यप्रणाली और विश्वसनीयता से जुड़ चुका है।
आने वाले दिनों में होने वाली कार्रवाई यह तय करेगी कि यह पहल सुधार की मिसाल बनती है या फिर विभाग की छवि पर सवाल और गहरे होते हैं।