सारंगढ़ डमरुआ।।जिले में दो विभागों से जुड़े कार्यों को लेकर रिकॉर्ड के स्तर पर स्थिति को समझने की पड़ताल की जा रही है। डमरुआ की पड़ताल में यह तथ्य सामने आया है कि राजस्व विभाग में पदस्थ कर्मचारी दीपक पटेल द्वारा पिछले लगभग दो वर्षों से राजस्व के साथ-साथ खनिज से संबंधित कार्य भी किए जा रहे हैं।
यह पड़ताल किसी आरोप या व्यक्तिगत टिप्पणी से जुड़ी नहीं है। उद्देश्य केवल यह स्पष्ट करना है कि लंबे समय से चली आ रही इस कार्य व्यवस्था का लिखित और दस्तावेज़ी आधार क्या है, और क्या वह आधार रिकॉर्ड में उसी रूप में दर्ज है।
प्रशासनिक नियमों की दृष्टि से, जब कोई कार्य व्यवस्था अल्पकालिक न होकर वर्षों तक जारी रहती है, तो उससे संबंधित लिखित आदेश, कार्य की प्रकृति और अवधि का स्पष्ट उल्लेख रिकॉर्ड में होना आवश्यक माना जाता है। खासकर तब, जब संबंधित कार्य खनिज जैसे संवेदनशील क्षेत्र से जुड़ा हो।
खनिज विभाग से संबंधित कार्य निरीक्षण, रिपोर्ट और राजस्व से जुड़े पहलुओं को प्रभावित करते हैं। ऐसे मामलों में रिकॉर्ड की स्पष्टता न केवल व्यवस्था को संतुलित रखती है, बल्कि आगे किसी भी स्तर पर स्पष्टीकरण की स्थिति से भी बचाती है।
डमरुआ की पड़ताल का उद्देश्य केवल तथ्यों की पुष्टि और दस्तावेज़ी संतुलन है कौन सा कार्य, किस अवधि से और किस लिखित आधार पर किया जा रहा है ताकि जिम्मेदारियां कार्य और रिकॉर्ड, दोनों में समान रूप से दिखाई दें।
फिलहाल, पिछले दो वर्षों से जुड़े कार्यों के दस्तावेज़ी पक्ष को समझने और मिलान करने की प्रक्रिया पर नजर रखी जा रही है। आगे की स्थिति रिकॉर्ड के आधार पर स्वतः स्पष्ट होगी।