जिला गौरेला पेंड्रा मरवाही का मुख्य मार्ग बदहाली की अवस्था में दे रहा कोई बड़ी दुर्घटना को आमंत्रण.
प्रशांत डेनियल 7828438374
छत्तीसगढ़ का नया जिला गौरेला-पेंड्रा-मरवाही… प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण के लिए जाना जाता है। लेकिन इसी खूबसूरत इलाके की सड़कें इन दिनों मौत का जाल बन चुकी हैं। जगह-जगह गड्ढे… सड़कें तालाब में तब्दील… और आए दिन हो रहे हादसे। जनता परेशान है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौन हैं।गौरेला से पेंड्रा और पेंड्रा से मरवाही जाने वाले मार्ग के साथ-साथ ग्रामीण संपर्क सड़कों की हालत इतनी बदहाल है कि दोपहिया वाहन चालकों का हर सफर खतरे से भरा रहता है। बरसात में गड्ढे तालाब बन जाते हैं, और हादसों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। मरीजों को अस्पताल ले जाना मुश्किल हो रहा है… एम्बुलेंस तक कीचड़ और गड्ढों में फंस रही है।
छात्र, किसान और आम नागरिक हर दिन इस खस्ताहाल सड़क से गुजरने को मजबूर हैं। लोग आरोप लगाते हैं कि करोड़ों रुपए सड़क निर्माण के नाम पर खर्च किए जाते हैं, लेकिन घटिया निर्माण और खानापूर्ति वाली मरम्मत से हालत जस की तस है।
जनता का सब्र अब टूट चुका है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क मरम्मत और नए निर्माण का काम शुरू नहीं हुआ तो वे आंदोलन के लिए सड़क पर उतरेंगे।.
ऐसा लग रहा है रोज अधिकारी कर्मचारी ज़ब इस सडक से अपने आवास की ओर जाते है तो उनकी गाडी मे उनको और लगजरी फील होता होगा इसलिए तो कोई इस सडक की सुधी नही ले रहे. जबकि आम जनता परेशान है कोई सड़क मे गिर रहा है. छोटे बच्चो के ड्रेस मे तेज रफ़्तार वाहन से कीचड़ उछाले जा रहे है. और कुछ दिन पहले हमने देखा था गौरेला एसडीएम की सरकारी गाड़ी से एक बच्चे की दर्दनाक मृत्यु हुई थी उस पर आज दिनांक तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी. ये न्याय व्यवस्था पर सवालिया निशान है शायद इसी तरह की किसी घटना के लिए जिला प्रशासन राह देख रहा है. कब सुधरेगा सिस्टम.
आज जिन गड्ढों को भरा जा रहा है उसमे मिट्टी युक्त खराब गिट्टी डाल कर उसको बराबर भी नही किया गया है. उच्च अधिकारी केवल कुर्सी मे बैठकर आदेश दे रहे है कभी स्थल निरिक्षण पर नही जाते.