खुलेआम चल रहा ‘खुड़खुड़िया जुआ’, पुलिस की मौन सहमति से फल-फूल रहा अवैध धंधा!
रायगढ़/तमनार/घरघोड़ा।
जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में इन दिनों ‘खुड़खुड़िया’ नामक जुए का खेल खुलेआम सरेआम संचालित हो रहा है। यह कोई सामान्य खेल नहीं, बल्कि ग्रामीण और मेहनतकश युवाओं की गाढ़ी कमाई को दिन-दहाड़े लूटने वाला एक सुनियोजित अवैध जुआ कारोबार है, जो अब प्रशासनिक और पुलिसिया उदासीनता की ढाल पर फल-फूल रहा है।
यदि यह कहा जाए कि यह खेल स्थानीय पुलिस की मौन सहमति से संचालित हो रहा है तो यह किसी प्रकार की अतिशयोक्ति नहीं होगी। मीडिया द्वारा बार-बार संबंधित थाना प्रभारियों को लोकेशन, खेल के ठेकेदारों के नाम, मोबाइल नंबर सहित स्पष्ट जानकारी दी जाती रही है, फिर भी आज दिनांक तक न तो कोई कार्रवाई की गई, न ही कोई धरपकड़। इससे स्पष्ट संकेत मिलता है कि इस पूरे खेल के तार सीधे थानों तक जुड़े हुए हैं।
ताजा मामला: रायकेरा मे जग्गू की जुगत
रायकेरा गांव (थाना – घरघोड़ा) में जग्गू नामक व्यक्ति द्वारा यह ‘खुड़खुड़िया जुआ’ डंके की चोट पर संचालित किया जा रहा है।न इन्हें समाज का भय है और पुलिस और न ही कानून का कोई डर।ग्रामीणों की माने तो इस खेल से कई घर बर्बाद हो चुके हैं, और युवाओं में नशा, अपराध और पारिवारिक बिखराव की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं।
पुलिस की निष्क्रियता या मिलीभगत?
जब एक अवैध गतिविधि की सूचना स्थानीय मीडिया और जागरूक नागरिकों द्वारा बार-बार उपलब्ध कराई जाती है, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं होती, तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि –
क्या यह खामोशी रिश्वत के साये में पनप रही है?
क्या थाना स्तर पर ये अवैध ठेकेदार ‘सेटिंग’ कर खुलेआम खेल चला रहे हैं?
क्या जिला पुलिस अधीक्षक को भी यह जानकारी नहीं है या जानबूझकर अनदेखी की जा रही है?
समाज और प्रशासन से मांग
- इस पूरे जुआ कारोबार की उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए।
- जिन थाना प्रभारियों ने जानकारी के बावजूद कार्रवाई नहीं की, उनके खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाए।
- इस तरह के अवैध जुए के अड्डों पर तत्काल छापामारी और गिरफ्तारी की जाए।
- ग्रामीण क्षेत्र में युवाओं के भविष्य को बचाने के लिए जागरूकता और वैकल्पिक रोजगार योजनाएं चलाई जाएं।