जिस सरकार ने कानून बनाया उसी के पहरेदार कर रहे विफल: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में ट्रिपल तलाक पीड़िता को नहीं मिल रहा न्याय
ट्रिपल तलाक पीड़िता को रायगढ़ महिला थाना से मिली निराशा
मुख्यमंत्री के आगमन हुआ था बयान, बाद में पुलिस ने आरोपी को ही बता दिया पीड़ित!
रायगढ़. जब 4 जुलाई को पीड़िता तीन तलाक की शिकायत लेकर महिला थाना पहुंची थी तब महिला थाने में पदस्थ अधिकारियों को इस कानून की कोई जानकारी नहीं थी उन्होंने अपने अधिकारियों से संपर्क किया शायद उन्हें भी इस कानून की कोई जानकारी नहीं थी, पुलिस लगातार इस मामले को टालने का प्रयास कर रही थी. पीड़िता द्वारा जब उच्च अधिकारियों एवं शासन से इस बात की शिकायत की गई तो रायगढ़ के पुलिस अधिकारी हरकत में आए खास बात यह भी थी कि गुरु पूर्णिमा पर मुख्यमंत्री रायगढ़ आने वाले थे ऐसे में आनन -फानन में पीड़िता का बयान दर्ज किया गया और उसे भरोसा दिलाया गया कि इसकी शिकायत पर कार्रवाई जरूर होगी. शायद यही सोच कर पीड़िता मुख्यमंत्री से नहीं मिली, पुलिस का भी यही मकसद था जो सफल हुआ. मुख्यमंत्री के जाने के बाद ही पुलिस अपने पुराने ढरें पर वापस आ गई.
पीड़िता का आरोप है कि मुख्यमंत्री के जाते ही रायगढ़ महिला थाना ने आरोपी को बुलाकर मामला सेटल कर दिया।
जब 10 दिन बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं हुई, तो महिला थाना जाकर पीड़िता ने पूछताछ की। इस पर थाना प्रभारी ने पीड़िता को यह कहकर भगा दिया – “अब तुम्हारा यहां कुछ नहीं हो सकता है, हम कोई एफआईआर दर्ज नहीं कर सकते हैं।”
सवाल यह है कि जब ट्रिपल तलाक एक गंभीर अपराध है, तो पुलिस इस तरह से आरोपी को कैसे बचा सकती है?
इस संबंध में जब हमने पुलिस अधिकारियों से बात की तो उनका यह कहना है कि महिला के पति से महिला के घर वालों ने मारपीट की थी जिसकी शिकायत कोतवाली में दर्ज है, अब सवाल यह उठता है कि क्या तीन तलाक देने वाले शौहर की आरती उतारी जाएगी! यदि मारपीट हुई है तो उसका fir दर्ज कर दिया, लेकिन जो ट्रिपल तलाक दिया गया क्या वह आपके कानून की किताब से बाहर की बात है. क्या आज तक किसी भी मामले में काउंटर केस पुलिस ने दर्ज नहीं किया है, इस मामले में पुलिस कानून क्यों भूल गई है. पुलिस को आरोपी पक्ष से हो रही हमदर्दी का कारण अज्ञात है. ट्रिपल तलाक का मामला दर्ज न करने के पीछे पुलिस ने अपना बहाना और बचाव ढूंढ लिया है. यह रायगढ़ की पुलिस है जो अपने आप को पुलिस कम और न्यायालय में पीठासीन जज ज्यादा समझती है. थाने के भीतर ही जांच निष्कर्ष और जजमेंट सभी हो जाता है शायद इसी का नाम रायगढ़ पुलिस है!
🟨 पीड़िता ने अब मुख्यमंत्री, राज्यपाल, प्रधानमंत्री व महिला आयोग को पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई है।
✊ हम सभी नागरिकों को ऐसे मामलों में आवाज़ उठानी चाहिए, ताकि पीड़ित को सम्मान और कानून के अनुसार न्याय मिल सके।
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> “मुख्यमंत्री के आगमन पर लिया बयान, पीछे से आरोपी को बचाया गया!”
महिला थाना प्रभारी बोलीं – अब तुम्हारा यहां कुछ नहीं हो सकता।
🟥 ट्रिपल तलाक की पीड़िता को नहीं मिला न्याय, रायगढ़ पुलिस पर गंभीर आरोप।