प्रशांत डेनियल 7828438374
जिला:…जी पी एम….. छत्तीसगढ़
छग में युक्तियुक्तकरण से शिक्षा व्यवस्था बदहाल, युक्तियुक्तकरण तुरंत रद्द किये जाने के लिए आम आदमी पार्टी ने सौपा ज्ञापन मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के नाम
जिला गौरेला पेंड्रा मरवाही में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने राज्य की भाजपा सरकार ने युक्ति युक्तकरण लागू करके इतने सालों पुरानी शिक्षा व्यवस्था को ध्वस्त कर दिया है और बच्चों का भविष्य अंधकारमय कर दिया है। छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार शिक्षा नीति के मोर्चे पर विफल रही है। युक्तियुक्तकरण के नाम पर हज़ारों स्कूलों को बंद कर देने के बाद कई स्कूल शिक्षक विहीन हो गए हैं। छत्तीसगढ़ सरकार ने युक्तयुक्तकरण के तहत स्कूलों को आपस में मिलाया गया, शिक्षकों का स्थानांतरण किया गया और कई छोटे स्कूलों को बंद किया गया। लेकिन वास्तविकता में इसके नतीजे कई जगहों पर नकारात्मक साबित हुए। युक्तियुक्तकरण के तहत जब दो स्कूलों को मिलाया गया, तो कई छात्रों को अब 3-5 किमी दूर स्कूल जाना पड़ रहा है। इससे खासकर बालिकाओं की पढ़ाई पर बुरा असर पड़ा है। जहाँ एक ओर शिक्षकों का स्थानांतरण किया गया, वहीं कई स्कूल ऐसे रह गए जहाँ विषय विशेषज्ञ शिक्षक ही नहीं हैं। बच्चों को बिना गणित या विज्ञान शिक्षक के पढ़ाई करनी पड़ रही है। कई स्थानों पर बिना स्थानीय स्थिति को समझे स्कूलों का विलय किया गया। इससे सामाजिक, भौगोलिक और आर्थिक बाधाएँ सामने आईं। जो स्कूल बंद कर दिए गए, उनके भवन जर्जर हो रहे हैं, और कई जगहों पर सरकारी संसाधन व्यर्थ जा रहे हैं।
कई स्कूलों में 2-3 कक्षाओं के लिए एकमात्र ही शिक्षक हैं। छात्र-छात्राएं 50 किलोमीटर दूर कलेक्ट्रेट जाकर विरोध प्रदर्शन कर सरकार को अपने बर्बाद होते भविष्य पर चेतावनी तक दे रहें हैं। बस्तर, सरगुजा, कांकेर जैसे आदिवासी बहुल इलाकों में छात्र संख्या में गिरावट और स्कूल से ड्रॉपआउट दर में इज़ाफ़ा देखा गया है।दंतेवाड़ा में एक स्कूल को 7 किमी दूर स्थानांतरित किया गया, जिससे बच्चे आना बंद कर दिए हैं! गांव के एक स्कूल में तो शिक्षक ना होने के कारण बच्चों ने खुद स्कूल में ताला लगा दिया। शिक्षक संघो को राज्यव्यापी हड़ताल करना पड़ रहा है।
आम आदमी पार्टी ने राज्य सरकार से मांग करती है कि युक्तियुक्तकरण से प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था बदहाल हुई है इसलिए इसे तुरंत रद्द किया जाये और यदि निर्धारित समय सीमा में शिक्षा में सुधार नहीं होता है तो पूरे छत्तीसगढ़ में प्रभावित जनता के साथ मिलकर इससे भी बड़ा आंदोलन किया जायेगा