सारंगढ़-बिलाईगढ़: कटंगपाली क्षेत्र में डोलोमाईट का अवैध खनन जोरशोर से जारी है, जिसमें भरत और कुमार नाम के कुछ लोगों के शामिल होने की चर्चा जोरों पर है। ये खनन माफिया शासन को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान पहुंचा रहे हैं, लेकिन आश्चर्यजनक रूप से खनिज विभाग ने अब तक इस पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं की है।
खनिज विभाग की चुप्पी पर उठ रहे सवाल
कटंगपाली में डोलोमाईट का खनन बिना किसी वैध अनुमति के हो रहा है, जिससे न केवल प्राकृतिक संसाधनों का दोहन हो रहा है, बल्कि शासन को भी भारी वित्तीय क्षति उठानी पड़ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह अवैध कारोबार लंबे समय से चल रहा है, लेकिन खनिज विभाग की चुप्पी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
कैसे चल रहा है अवैध खनन?
सूत्रों के मुताबिक, भरत और कुमार नामक खनन माफिया बिना किसी लाइसेंस के बड़े पैमाने पर डोलोमाईट का खनन कर रहे हैं और इसे क्रेशरों में खपाया जा रहा हैं। जिससे शासन को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है।
प्रशासन की भूमिका संदेह के घेरे में
इस अवैध खनन को रोकने के लिए प्रशासनिक कार्रवाई की जरूरत है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। सवाल यह भी उठता है कि खनिज विभाग और प्रशासन को इस अवैध गतिविधि की जानकारी होते हुए भी कोई सख्त कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही? क्या यह किसी बड़े गठजोड़ का हिस्सा है?
सरकार को हो रहा करोड़ों का नुकसान
यदि इस अवैध खनन पर जल्द रोक नहीं लगाई गई, तो आने वाले समय में शासन को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ सकता है। ऐसे में सवाल यह है कि क्या खनिज विभाग की निष्क्रियता जानबूझकर है या फिर प्रशासन की अनदेखी का फायदा उठाकर खनन माफिया खुलेआम अपना खेल खेल रहे हैं?
रॉयल्टी में भी गड़बड़ी
इस अवैध खनन से खपाए जा रहे हजारों टन डोलोमाइट का वैध रॉयल्टी भी कुछ मास्टरमाइंड निकाल रहे है और मोटी कमाई का जरिया बना लिया है बताना लाजमी होगा कि किसी वैध खदानों से भी डोलोमाइट निकलाने के लिए रॉयल्टी दिखानी पड़ती है और कुछ लोग उसमें भी रॉयल्टी की घपले भाजी करने से बाज नहीं आते जबकि अवैध खनन से खप रहे डोलोमाइट में रॉयल्टी दिखाना कोई बड़ी बात नहीं होगी ।हालांकि यह जांच का विषय है लेकिन इसकी गंभीरता को नजर अंदाज भी नहीं किया जा सकता।
अब देखना यह होगा कि शासन और प्रशासन इस मामले में कब तक निष्क्रिय बने रहते हैं या फिर कोई सख्त कार्रवाई होती है!